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Agniveers’ Tenure Extension: अग्निवीरों को बड़ी राहत, 75% को मिलेगा 2 साल का एक्सटेंशन, सेना में पक्का होने का भी मौका!

CDS जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने हाल ही में एक कांफ्रेस के दौरान अग्निवीर से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, उन्होंने बताया कि 75% अग्निवीरों को अब 2 साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिलेगा साथ ही सेना में पक्का होने का अवसर भी रहेगा।

यह घोषणा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान की। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इसका मतलब क्या है, नया नियम, भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और पहले बैच पर असर

Agnipath scheme

घोषणा की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • अग्निवीरों का कार्यकाल दो साल बढ़ाया गया
  • जिन 75% अग्निवीरों को चार साल बाद जाना था, उन्हें अतिरिक्त दो साल की सेवा मिलेगी
  • दो साल पूरे होने के बाद भी रेगुलर सैनिक के रूप में भर्ती होने का मौका मिलेगा
  • चयन मेरिट और प्रदर्शन के आकलन पर आधारित होगा
  • भर्ती में अब लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट से पहले होगी
  • पहले बैच के करीब 18,000 अग्निवीर दिसंबर 2026 में रिटायर होने वाले थे

सरकार ने क्या फैसला लिया?

CDS के मुताबिक योजना पर मिले फीडबैक के बाद यह बदलाव किया गया। इससे सभी अग्निवीरों को सेना में नियमित होने का रास्ता मिल गया है।

यह घोषणा चार साल की मूल व्यवस्था में बदलाव का संकेत है।

पहले क्या नियम था?

अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर चार साल सेवा देते थे। इसके बाद हर बैच के 25% तक को मेरिट और जरूरत के आधार पर रेगुलर कैडर में लिया जा सकता था।

बाकी 75% को चार साल पूरे होने पर सेवा से बाहर होना था।

अब क्या बदला?

अब बाकी 75% अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त एंगेजमेंट मिलेगा। CDS ने कहा कि इससे उन्हें सेना में करियर आगे बढ़ाने का एक और मौका मिलेगा।

पुराने और नए नियम की तुलना

बिंदु पहले अब
मूल कार्यकाल 4 साल 4 साल
रेगुलर कैडर में सीधा मौका 25% तक (मेरिट के आधार पर) 25% तक (मेरिट के आधार पर)
बाकी 75% का भविष्य चार साल बाद सेवा से बाहर 2 साल का अतिरिक्त कार्यकाल
एक्सटेंशन के बाद कोई प्रावधान नहीं रेगुलर सैनिक बनने का अवसर (मेरिट पर)
भर्ती प्रक्रिया फिजिकल टेस्ट पहले लिखित परीक्षा पहले

दो साल के बाद क्या होगा?

CDS ने साफ किया कि अतिरिक्त दो साल पूरे करने के बाद भी इन अग्निवीरों को रेगुलर सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर दिया जाएगा।

चयन मेरिट पर होगा। यानी स्थायी पद पाने के लिए प्रदर्शन का आकलन अहम रहेगा।

भर्ती प्रक्रिया में नया बदलाव

CDS ने अग्निवीर भर्ती के चरणों में भी बदलाव की घोषणा की। अब पहले लिखित परीक्षा होगी और उसके बाद फिजिकल टेस्ट।

पहले यह क्रम उल्टा था।

उम्मीदवारों के लिए क्या है इसके मायने

  1. पढ़ाई और लिखित परीक्षा की तैयारी को अब पहली प्राथमिकता देनी होगी
  2. फिजिकल फिटनेस की तैयारी भी साथ-साथ जारी रखनी होगी
  3. नई प्रक्रिया की तारीखें और विवरण आधिकारिक अधिसूचना से ही देखें

पहले बैच पर क्या असर पड़ेगा?

अग्निपथ के तहत पहला बैच 2022 में भर्ती हुआ था। इसके करीब 18,000 अग्निवीर दिसंबर 2026 में चार साल पूरे कर बाहर जाने वाले थे।

नई घोषणा से बाकी 75% के लिए यह समय-सीमा बदल गई है। वे अब अतिरिक्त दो साल सेवा में रह सकेंगे।

अग्निवीर और उम्मीदवार क्या करें?

  • आधिकारिक आदेश का इंतजार करें: ब्रीफिंग में हुई घोषणा के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होते हैं। नियम और पात्रता उसी से पक्के होंगे।
  • प्रदर्शन पर ध्यान दें: चयन मेरिट आधारित है, इसलिए ट्रेनिंग, अनुशासन और रिकॉर्ड मजबूत रखें।
  • कौशल बढ़ाते रहें: सेना में मिलने वाली ट्रेनिंग के साथ अपनी तकनीकी और शैक्षणिक योग्यता भी सुधारें।
  • आने वाले उम्मीदवार: लिखित परीक्षा के सिलेबस और पैटर्न की जानकारी पहले से रखें, क्योंकि अब यही पहला पड़ाव है।
  • अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया की खबरों के बजाय रक्षा मंत्रालय या सेना की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

FAQs

क्या सभी अग्निवीरों का कार्यकाल बढ़ा है?

घोषणा के अनुसार चार साल बाद सेवा से बाहर होने वाले बाकी 75% अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिलेगा। 25% को पहले की तरह मेरिट पर रेगुलर कैडर में लिया जा सकता है।

दो साल के एक्सटेंशन के बाद क्या होगा?

CDS के अनुसार इन अग्निवीरों को रेगुलर सैनिक के रूप में भर्ती होने का मौका मिलेगा। चयन मेरिट और प्रदर्शन के आकलन पर होगा।

अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव हुआ?

अब लिखित परीक्षा फिजिकल टेस्ट से पहले होगी। पहले क्रम इसके उलट था।

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