Correct option is D
परिचय
महाकवि भास संस्कृत नाट्य साहित्य के सबसे प्राचीन और महत्त्वपूर्ण नाटककार माने जाते हैं, जिनके नाटक
'त्रिवेन्द्रम' से प्राप्त हुए हैं।
व्याख्या दिए गए कथनों में,
कथन I गलत है और
कथन II सही है।
·
(d) I असत्यम् परन्तु II सत्यम् (कथन I असत्य है परन्तु कथन II सत्य है)।
कथन I : प्रतिज्ञायौगन्धरायणम् भासस्य रचना नास्ति। · यह कथन
असत्य है।
·
'प्रतिज्ञायौगन्धरायणम्' महाकवि
भास द्वारा रचित एक प्रसिद्ध
नाटक है।
· यह नाटक
उदयन (वत्सराज) के मंत्री
यौगन्धरायण की प्रतिज्ञा (उदयन को कारागार से मुक्त कराना) पर आधारित है।
· अतः, यह कहना कि यह भास की रचना नहीं है, गलत है।
कथन II : स्वप्नवासवदत्तम् भासस्य रचना अस्ति। · यह कथन
सत्य है।
·
'स्वप्नवासवदत्तम्' महाकवि
भास की
सबसे प्रसिद्ध और सर्वश्रेष्ठ नाट्यकृति मानी जाती है।
· इस नाटक में वत्सराज
उदयन और अवन्तिराज प्रद्योत की पुत्री
वासवदत्ता की कथा का वर्णन है।
· इसमें मुख्य रूप से उदयन की दूसरी पत्नी
पद्मावती के साथ विवाह और वासवदत्ता की वापसी तक की कथा है, जिसका नाम नाटक के
पाँचवें अंक में स्वप्न के दृश्य पर आधारित है।
रोचक तथ्य
· (a), (b), (c) विकल्प उपर्युक्त व्याख्या के आधार पर गलत सिद्ध होते हैं।
· भास के नाम से
13 नाटक (भास-नाटक-चक्र) प्रसिद्ध हैं, जो 'त्रिवेन्द्रम' (केरल) के निवासी
गणपति शास्त्री को प्राप्त हुए थे।
·
'स्वप्नवासवदत्तम्' को भास का
सर्वोत्कृष्ट नाटक माना जाता है।
·
'प्रतिज्ञायौगन्धरायणम्' और
'स्वप्नवासवदत्तम्' दोनों
उदयन कथा पर आधारित हैं और एक-दूसरे के
पूरक माने जाते हैं।