Correct option is A
परिचय:
काव्यादर्श आचार्य दण्डी द्वारा रचित
काव्यशास्त्र का एक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है, जो
चार परिच्छेदों (अध्यायों) में विभक्त है।
व्याख्या:
सही उत्तर
(a) केवलम् एकः युग्मः है, क्योंकि इन तीनों कथनों में
केवल कथन 1 ही सही है।
·
कथन 1: काव्यादर्शप्रथमाध्यायेः काव्यलक्षणम्।
· यह कथन
सही है।
काव्यादर्श के
प्रथम परिच्छेद (अध्याय) में
काव्य की परिभाषा (काव्यलक्षण), काव्य के भेद (गद्य, पद्य, मिश्र), और
दशगुणों का विस्तृत विवेचन किया गया है।
रोचक तथ्य:
·
कथन 2: काव्यादर्शद्वितीयाध्यायेः शब्दालंकारनिरूपणम्।
· यह कथन
गलत है।
काव्यादर्श के
द्वितीय परिच्छेद में
अर्थालंकार (जैसे उपमा, रूपक आदि) का निरूपण किया गया है, न कि शब्दालंकार का।
· दण्डी ने यहाँ
35 से अधिक
अर्थालंकारों का वर्णन किया है।
·
कथन 3: काव्यादर्शतृतीयाध्यायेः अर्थालंकारनिरूपणम्।
· यह कथन भी
गलत है।
काव्यादर्श के
तृतीय परिच्छेद में
शब्दालंकार (अनुप्रास, यमक) और
प्रहेलिका का वर्णन है।
·
यमक अलंकार को यहाँ विस्तार से समझाया गया है।
·
अतिरिक्त जानकारी:
·
चतुर्थ परिच्छेद (चौथा अध्याय): इसमें
दोषों तथा
काव्य के अन्य तत्त्वों का निरूपण किया गया है, हालाँकि यह बाद में जोड़ा गया माना जाता है।