arrow
arrow
arrow
लौंजाइनसमतानुसारम् अधोलिखितेषु कौ अलङ्कारौ उदात्तस्योत्कर्षे सहायको भवतः ?A. पर्यायोक्तिःB. अर्थान्तरन्यासःC. विपर्ययःD. यमकम्अधस्तनेषु समुचितं विकल्प
Question

लौंजाइनसमतानुसारम् अधोलिखितेषु कौ अलङ्कारौ उदात्तस्योत्कर्षे सहायको भवतः ?

A. पर्यायोक्तिः

B. अर्थान्तरन्यासः

C. विपर्ययः

D. यमकम्

अधस्तनेषु समुचितं विकल्पं चिनुत-


A.

 B, C केवलम्


B.

 B, D केवलम्


C.

 C, D केवलम्


D.

A, C केवलम्

Correct option is D

परिचय

 यह प्रश्न लौंजाइनस के उदात्तता के सिद्धांत से संबंधित है और पूछता है कि कौन से अलंकार उदात्तता के उत्कर्ष में सहायक होते हैं।

व्याख्या

उदात्तता का सिद्धांतः लौंजाइनस ने अपनी कृति 'पेरि इप्सुस' (On the Sublime) में उदात्तता (Sublime) का विवेचन किया है। उनके अनुसार, उदात्तता वह गुण है जो पाठक या श्रोता को अभिभूत कर देता है, उसे उच्चता का अनुभव कराता है और उसे प्रेरणा देता है।

उदात्तता के स्रोतः लौंजाइनस ने उदात्तता के पाँच मुख्य स्रोत बताए हैं, जिनमें से एक 'अलंकारों का समुचित प्रयोग' भी है।

उदात्तता में सहायक अलंकार

1.पर्यायोक्ति (Periphrasis/Circumlocution): जब किसी बात को सीधे न कहकर घुमा-फिराकर कहा जाता है, तो वहाँ पर्यायोक्ति अलंकार होता है। यह कथन में गंभीरता और प्रभाव उत्पन्न कर सकता है, जिससे उदात्तता का भाव बढ़ता है। उदाहरण के लिए, 'सूर्य' कहने के बजाय 'दिनकर' या 'रवि' कहना।

2.विपर्यय (Inversion/Hyperbaton): जब वाक्य में शब्दों का क्रम सामान्य से भिन्न होता है, तो वहाँ विपर्यय अलंकार होता है। यह वाक्य में विशेष बल, प्रभाव और नवीनता ला सकता है, जिससे उदात्तता की अनुभूति होती है। उदाहरण के लिए, 'वह जाता है' के स्थान पर 'जाता है वह'।

सही विकल्पः प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से, लौंजाइनस के अनुसार पर्यायोक्ति (A) और विपर्यय (C) दोनों ही उदात्तता के उत्कर्ष में सहायक होते हैं। अतः विकल्प 4. A, C केवलम् सही उत्तर है।

रोचक तथ्य

1.अर्थान्तरन्यास (Corroboration/General Statement): यह एक अर्थालंकार है जहाँ सामान्य बात का समर्थन विशेष बात से या विशेष बात का समर्थन सामान्य बात से किया जाता है। यह कथन को पुष्ट करता है, किंतु सीधे तौर पर उदात्तता के उत्कर्ष से संबंधित नहीं है।

2.यमक (Repetition of same word with different meaning): यह एक शब्दालंकार है जहाँ एक ही शब्द की आवृत्ति होती है, किंतु हर बार उसका अर्थ भिन्न होता है। यहा काव्य में चमत्कार उत्पन्न करता है, किंतु इसका संबंध भी सीधे तौर पर उदात्तता के उत्कर्ष से नहीं है।

Free Tests

Free
Must Attempt

Basics of Education: Pedagogy, Andragogy, and Hutagogy

languageIcon English
  • pdpQsnIcon10 Questions
  • pdpsheetsIcon20 Marks
  • timerIcon12 Mins
languageIcon English
Free
Must Attempt

UGC NET Paper 1 Mock Test 1

languageIcon English
  • pdpQsnIcon50 Questions
  • pdpsheetsIcon100 Marks
  • timerIcon60 Mins
languageIcon English
Free
Must Attempt

Basics of Education: Pedagogy, Andragogy, and Hutagogy

languageIcon English
  • pdpQsnIcon10 Questions
  • pdpsheetsIcon20 Marks
  • timerIcon12 Mins
languageIcon English

Similar Questions

test-prime-package

Access ‘UGC NET Sanskrit’ Mock Tests with

  • 60000+ Mocks and Previous Year Papers
  • Unlimited Re-Attempts
  • Personalised Report Card
  • 500% Refund on Final Selection
  • Largest Community
students-icon
354k+ students have already unlocked exclusive benefits with Test Prime!
Our Plans
Monthsup-arrow