Correct option is A
ans. (a) A-3,B-4,C-1,D-2
रचना | रचनाकार |
|---|---|
चित्तौड़ का सर्वनाश | रूपनारायण पांडेय |
बसंत | भारतेंदु हरिश्चंद्र |
जुलूस रुका है | विवेकी राय |
गांव का मन | विद्यानिवास मिश्र |
Information Booster:
1. चित्तौड़ का सर्वनाश
- विधा: ऐतिहासिक निबंध
- रचनाकार: रूपनारायण पांडेय
- यह रचना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से चित्तौड़ के पतन की घटना पर आधारित है। इसमें चित्तौड़ के ऐतिहासिक महत्व और वीरता का वर्णन है।
2. बसंत
- विधा: नाटक या काव्यात्मक निबंध
- रचनाकार: भारतेंदु हरिश्चंद्र
- यह रचना ऋतु विशेष के रूप में बसंत की महिमा का वर्णन करती है। भारतेंदु ने बसंत के माध्यम से प्रकृति और समाज के सौंदर्य को उजागर किया है।
3. जुलूस रुका है
- विधा: व्यंग्यात्मक लेख
- रचनाकार: विवेकी राय
- यह रचना ग्रामीण परिवेश और सामाजिक विडंबनाओं पर आधारित है। इसमें हास्य और व्यंग्य के माध्यम से गहरी सामाजिक सच्चाई को उजागर किया गया है।
4. गांव का मन
- विधा: निबंध संग्रह
- रचनाकार: विद्यानिवास मिश्र
- यह रचना भारतीय ग्रामीण जीवन, उसकी संस्कृति, भावनाएँ और समस्याओं का चित्रण करती है। इसमें गांव की आत्मा को गहराई से समझने का प्रयास किया गया है।
Additional Knowledge:
इन साहित्यकारों के कुछ प्रमुख निबंध इस प्रकार है -
भारतेन्दु हरीशचंद्र -
मणिकर्णिका
लेवी प्राण लेवी
दिल्ली दरबार दर्पण
भारतवर्ष की उन्नति केसे हो सकती है
विद्या निवास मिश्र -
छितवन की छाँव
हल्दी दूब
कदम की फूली डाल
तुम चंदन हम पानी
मेरे राम का मुकुट भीग रहा है
रूप नारायण पांडे -
चित्तौड़ का सर्वनाश
तुलसी का वृक्ष
काशी का यथार्थ
विवेकी राय -
किसानों का देश
गांवों की दुनिया
त्रिधारा
गँवई गंध गुलाब
