Correct option is B
सही उत्तर:(b) 2 और 3
कुबेरनाथ राय हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध ललित निबंधकार हैं। उनके निबंध-संग्रहों में 'कामधेनु' और 'आगम की नाव' शामिल हैं। 'बेहया का जंगल' कृष्ण बिहारी मिश्र का निबंध-संग्रह है, और 'दूसरी सतह' शरद जोशी का निबंध-संग्रह है।
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कुबेरनाथ राय हिंदी साहित्य के प्रमुख ललित निबंधकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपने जीवनकाल में लगभग साढ़े तीन सौ निबंध लिखे, जो बीस निबंध-संग्रहों में संकलित हैं। उनके प्रमुख निबंध-संग्रह निम्नलिखित हैं:
प्रिया नीलकंठी (1969): कुबेरनाथ राय का पहला निबंध-संग्रह, जिसमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित निबंध शामिल हैं।
रस आखेटक (1971): इस संग्रह में साहित्य, कला, और संस्कृति से संबंधित निबंध संकलित हैं, जो पाठकों को रस की खोज में ले जाते हैं।
गंधमादन (1972): इस संग्रह में पंद्रह निबंध शामिल हैं, जिनमें 'शब्द श्री', 'नदी तुम बीजाक्षरा', 'अन्नपूर्णा बाण भूमि' आदि प्रमुख हैं।
विषाद योग (1973): इस संग्रह में जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचारशील निबंध प्रस्तुत किए गए हैं।
निषाद बांसुरी (1974): इस संग्रह में संगीत, साहित्य, और संस्कृति पर केंद्रित निबंध शामिल हैं।
कामधेनु (1980): इस संग्रह में भारतीय ग्रामीण जीवन और संस्कृति पर आधारित निबंध संकलित हैं।
आगम की नाव (2002): यह संग्रह उनके अंतिम निबंधों में से एक है, जिसमें भारतीय दर्शन और संस्कृति पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
Additional Knowledge:
बेहया का जंगल - कृष्ण बिहारी मिश्र
इनके अन्य निबंध -'मकान उठ रहे हैं', 'आँगन की तलाश', 'अराजक उल्लास', 'गौरैया ससुराल गया'
दूसरी सतह - शरद जोशी
इनके अन्य निबंध -'परिक्रमा', 'किसी बहाने', 'रहा किनारे बैठ', 'यथासंभव', 'हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे', 'जीप पर सवार इल्लियाँ', 'तिलिस्म', और 'दूसरी सतह'
