Correct option is D

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1. बलम के खुद (1951 ई.)
- लेखक: नामवर सिंह
- मुख्य विषय:
इस संग्रह में साहित्यिक आलोचना और हिंदी साहित्य के विभिन्न पहलुओं का गहन विश्लेषण किया गया है। - अन्य रचनाएँ:
- इतिहास और आलोचना
- वाद विवाद संवाद
- इतिहास और आलोचना
2. आलोक पर्व (1972 ई.)
- लेखक: हजारीप्रसाद द्विवेदी
- मुख्य विषय:
इसमें उनके साहित्यिक विचार, साहित्य के विकास, और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य को प्रस्तुत किया गया है। - अन्य रचनाएँ:
- अशोक के फूल
- कल्पलता
- कुटज
- विचार ओर वितर्क
- विचार प्रवाह
3. अस्मिता के लिए (1981 ई.)
- लेखक: विद्यानिवास मिश्र
- मुख्य विषय:
यह संग्रह भारतीय संस्कृति, जीवन दर्शन, और साहित्यिक अस्मिता की खोज पर केंद्रित है। - अन्य रचनाएँ:
- पछितवन की छाँव
- थोड़ी सी जेघ दे
- तुम चंदन हम पानी
- मेरे राम का मुकुट भीग रहा है
4. मन पवन के नौका (1982 ई.)
- लेखक: कुबेर नाथ राय
- मुख्य विषय:
इसमें विचारधारा, मानवता, और समकालीन समाज के विभिन्न मुद्दों का साहित्यिक दृष्टिकोण से वर्णन है। - अन्य रचनाएँ:
- निषाद बाँसुरी
- उत्तरा फाल्गुनी के आसपास
- प्रिया नीलकंठी
- गंध मादन
प्रकाशन वर्ष के अनुसार अनुक्रम:
- बलम के खुद (1951)
- आलोक पर्व (1972)
- अस्मिता के लिए (1981)
- मन पवन के नौका (1982)
सही उत्तर:(d)
विस्तृत जानकारी:
नामवर सिंह:
- आधुनिक हिंदी आलोचना के प्रमुख स्तंभ।
- उनकी रचनाएँ साहित्यिक विवेक, दृष्टिकोण, और तर्कशीलता के लिए जानी जाती हैं।
हजारीप्रसाद द्विवेदी:
- हिंदी साहित्य और संस्कृति के मनीषी।
- उनके निबंध भारतीय परंपराओं, संस्कृति, और साहित्य की गहन समझ प्रदान करते हैं।
विद्यानिवास मिश्र:
- उनके निबंध भारतीय दर्शन, परंपरा, और आधुनिकता के समन्वय पर आधारित हैं।
कुबेरनाथ राय
