Correct option is B
सही उत्तर (b)

Information Booster:
'नयी कहानी' आंदोलन के बारे में:
- शुरुआत: 1950-60 के दशक में 'नयी कहानी' आंदोलन हिंदी साहित्य में उभरा।
- मुख्य विषय: यह आंदोलन परंपरागत कहानियों से अलग होकर मनुष्य की आंतरिक संवेदनाओं, आधुनिक जीवन की जटिलताओं और अस्तित्ववादी प्रश्नों पर केंद्रित था।
- प्रमुख लेखक: इस आंदोलन से जुड़े कहानीकारों ने हिंदी साहित्य को मनोवैज्ञानिक गहराई और आधुनिक दृष्टि प्रदान की।
लेखकों का विवरण:
दूधनाथ सिंह:
- शैली: 'अकहानी' आंदोलन से जुड़े रहे।
- रचनाएँ: 'निष्कासन', 'धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे' आदि।
- अकहानी आंदोलन में कहानीकारों ने पारंपरिक कहानी के ढाँचे को तोड़ते हुए नई शैली और दृष्टिकोण को अपनाया।
निर्मल वर्मा:
- शैली: 'नयी कहानी' आंदोलन के प्रमुख लेखक।
- प्रमुख रचनाएँ: 'परिंदे', 'लाल टीन की छत', 'धुंध से उठती धुन'।
- उनकी कहानियाँ मनोवैज्ञानिक गहराई और मानवीय संबंधों की जटिलताओं को उजागर करती हैं।
राजकमल चौधरी:
- शैली: 'अकहानी' आंदोलन से जुड़े लेखक।
- रचनाएँ: 'मछली मरी हुई', 'देहगाथा'।
- उन्होंने आधुनिक जीवन की विडंबनाओं और मानसिक द्वंद्व को प्रस्तुत किया।
राजेन्द्र यादव:
- शैली: 'नयी कहानी' आंदोलन के प्रमुख लेखक।
- प्रमुख रचनाएँ: 'सारा आकाश', 'जहाँ लक्ष्मी कैद है'।
- उनकी कहानियाँ सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन की जटिलताओं को प्रस्तुत करती हैं।
