Correct option is B
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय काव्यशास्त्र के इतिहास में विद्वानों का कालक्रम उनके द्वारा रचित ग्रंथों और उनके उल्लेखों के आधार पर निर्धारित किया जाता है। सत्यदेव चौधरी की पुस्तक के अनुसार:
- दण्डी (D): इनका समय 7वीं शताब्दी माना जाता है, जिन्होंने 'काव्यादर्श' की रचना की।
- उद्भट (E): ये 8वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुए, जिन्होंने 'काव्यालंकार सार-संग्रह' लिखा।
- धनंजय (C): इनका समय 10वीं शताब्दी (मुंजराज के सभापंडित) है, जिन्होंने 'दशरूपक' ग्रंथ लिखा।
- महिमभट्ट (A): 'व्यक्तिविवेक' के रचयिता महिमभट्ट का समय 11वीं शताब्दी का मध्य भाग माना जाता है।
- जयदेव (B): यहाँ 'चंद्रालोक' के रचयिता जयदेव का उल्लेख है, जिनका समय विद्वानों ने 12वींके आसपास माना है।