Correct option is B
विस्तृत व्याख्या: हबीब तनवीर द्वारा लिखित नाटक 'आगरा बाजार' प्रसिद्ध जनवादी कवि नजीर अकबराबादी की कविताओं पर आधारित है। यह कविता 'आदमी नामा' से ली गई है। नजीर अपनी कविताओं में सामाजिक समानता और मानवीय यथार्थ को प्रमुखता देते थे। कविता का सही क्रम इस प्रकार है:
- (B) "दुनिया में बादशाह है, सो है वह भी आदमी" (शक्ति का शिखर)
- (D) "मुफ्लिस-ओ-गदा (टुकड़े जो मांगता है), सो है वह भी आदमी" (निर्धनता)
- (A) "और मोल ले रहा है, सो है वह भी आदमी" (व्यापार/व्यवहार)
- (E) "बदशक्लो-बदनुमा (बदसूरत), सो है वह भी आदमी" (शारीरिक रूप)
- (C) "और वह जो मर गया है, सो है वह भी आदमी" (अंत/मृत्यु)
यह कविता दर्शाती है कि पद, प्रतिष्ठा, रूप या धन के अंतर के बावजूद अंततः सब 'आदमी' ही हैं। हबीब तनवीर ने नजीर की इस फकीराना रूह को नाटक के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाया, जहाँ बाजार की भीड़ में भी मानवीय संवेदना जीवित रहती है।
