hamburger menu
All Coursesall course arrow
adda247
reward-icon
adda247
    arrow
    arrow
    arrow
    एतेषु कथनेषु विचार्यताम् - 1. अच्सन्धौ 'ई' तथा 'उ' वर्णयोः संयोगे 'यू' रूपं भवति। 2. हल्सन्धिः व्यञ्जनानां परिवर्तनं करोति । 3. 'आद्गुण:' इति
    Question

    एतेषु कथनेषु विचार्यताम् -
    1. अच्सन्धौ 'ई' तथा 'उ' वर्णयोः संयोगे 'यू' रूपं भवति।
    2. हल्सन्धिः व्यञ्जनानां परिवर्तनं करोति ।
    3. 'आद्गुण:' इति संज्ञा सूत्रमस्ति।
    एतेषु कति कथनानि सम्यक् ?

    A.

    केवलम् एकम्

    B.

    केवलं द्वे

    C.

    सर्वे त्रयः

    D.

    न कश्चित्

    Correct option is A


    परिचय संधि का तात्पर्य दो वर्णों के अत्यंत निकट होने पर उनमें होने वाले परिवर्तन या मेल से है, जिसे व्याकरण में संहिता भी कहा जाता है।
    व्याख्या
    दिए गए तीन कथनों में से, केवल एक कथन सही है: कथन 2।
    · (a) केवलम् एकम् सम्यक् (केवल एक कथन सही है)।
    सही कथन का विवरण:
    2. हल्सन्धिः व्यञ्जनानां परिवर्तनं करोति।
    · यह कथन सही है।
    · हल्सन्धि (व्यञ्जन संधि) वह संधि है जहाँ एक व्यञ्जन वर्ण का दूसरे व्यञ्जन या स्वर से मेल होने पर व्यञ्जन में परिवर्तन होता है।
    · यह व्यञ्जन वर्णों से संबंधित नियमों का निरूपण करती है, जैसे श्चुत्व, ष्टुत्व, जश्त्व आदि।
    · उदाहरण: सत्+ चित् = सच्चित् (यहाँ 'त्' का 'च्' में परिवर्तन हुआ)।
    रोचक तथ्य
    1. अच्सन्धौ 'ई' तथा 'उ' वर्णयोः संयोगे 'यू' रूपं भवति। - यह कथन गलत है।
    · अच्सन्धि के 'यण्सन्धि' नियम के अनुसार:
    · इ/ई वर्ण के बाद असमान स्वर आने पर 'य' होता है।
    · उ/ऊ वर्ण के बाद असमान स्वर आने पर 'व्' होता है।
    · 'ई' और 'उ' का संयोग होने पर 'यू' रूप नहीं बनता। 'ई' के बाद 'उ' आने पर 'यु' रूप बन सकता है (जैसे: इति + उवाच = इत्युवाच), जहाँ 'इ' के स्थान पर 'य्' होता है और उसमें 'उ' जुड़ता है। यहाँ 'ई' और 'उ' का सीधा संयोग होकर 'यू' नहीं बनता।
    2. 'आद्गुण:' इति संज्ञा सूत्रमस्ति। - यह कथन गलत है।
    · 'आद्गुणः' (पाणिनि १.१.८७) संज्ञा सूत्र नहीं, बल्कि विधि सूत्र है।
    · यह सूत्र गुण सन्धि का विधान (विधि) करता है, अर्थात 'अ' या 'आ' के बाद 'इ/ई' आने पर 'ए' और 'उ/ऊ' आने पर 'ओ' गुण एकादेश होता है।
    · संज्ञा सूत्र वे होते हैं जो किसी चीज का नामकरण करते हैं (जैसे: 'वृद्धिरादैच्' (वृद्धि संज्ञा), 'इको यणचि' (यण् संज्ञा)।
    · 'गुण' नामक संज्ञा करने वाला सूत्र 'अदेङ् गुणः' (पाणिनि १.१.२) है।
    · (b), (c), (d) विकल्प उपर्युक्त व्याख्या के आधार पर गलत सिद्ध होते हैं।

    Free Tests

    Free
    Must Attempt

    General Studies Subject Test 01

    languageIcon English
    • pdpQsnIcon20 Questions
    • pdpsheetsIcon20 Marks
    • timerIcon15 Mins
    languageIcon English
    Free
    Must Attempt

    HSSC CET Group-C (Reasoning Ability) Practice set 01

    languageIcon English
    • pdpQsnIcon20 Questions
    • pdpsheetsIcon20 Marks
    • timerIcon20 Mins
    languageIcon English
    Free
    Must Attempt

    HSSC CET Group-C (English Language) Practice set 01

    languageIcon English
    • pdpQsnIcon20 Questions
    • pdpsheetsIcon20 Marks
    • timerIcon20 Mins
    languageIcon English
    test-prime-package

    Access ‘Haryana Assistant Professor’ Mock Tests with

    • 60000+ Mocks and Previous Year Papers
    • Unlimited Re-Attempts
    • Personalised Report Card
    • 500% Refund on Final Selection
    • Largest Community
    students-icon
    346k+ students have already unlocked exclusive benefits with Test Prime!

    Similar Questions

    Our Plans
    Monthsup-arrow