Correct option is B
परिचय: वाल्मीकि रामायण में कुल सात काण्ड हैं। यहाँ प्रथम चार काण्डों से संबंधित प्रमुख घटनाओं का मिलान किया गया है।
1. बालकाण्डम् (a) → (ii) कार्तिकेयाख्यानम्
बालकाण्ड रामायण का प्रथम काण्ड है।
इसमें राम के जन्म, विश्वामित्र के साथ आश्रम रक्षा हेतु गमन, ताड़कावध और सीता विवाह जैसी मुख्य घटनाएँ हैं।
लेकिन, कथा के बीच में विश्वामित्र ने राम को अनेक उपाख्यान सुनाए थे, जिनमें गंगावतरण और कार्तिकेय के जन्म का वर्णन (कार्तिकेयाख्यानम्) भी प्रमुख है।
2. अयोध्याकाण्डम् (b) → (iv) जबालेः नास्तिकमतस्य खण्डनम्
अयोध्याकाण्ड रामायण का द्वितीय काण्ड है।
इसमें राम का वनगमन, भरत का चित्रकूट आगमन और उन्हें वापस अयोध्या ले जाने का प्रयास मुख्य है।
जबाली (या जाबालि) नामक नास्तिक (चार्वाक मत का समर्थक) ऋषि ने चित्रकूट में भरत के कहने पर राम को वन से लौटने के लिए प्रेरित करते हुए नास्तिक मत का उपदेश दिया था। राम ने उसके इस मत का तार्किक रूप से खण्डन किया था।
3. अरण्यकाण्डम् (c) → (i) जटायुवधः
अरण्यकाण्ड रामायण का तृतीय काण्ड है, जो वनवास काल (14 वर्ष) के दसवें वर्ष से प्रारंभ होता है।
इस काण्ड की मुख्य घटनाएँ शूर्पणखा का अपमान, मारीचवध, सीता हरण, और जटायु के साथ रावण का युद्ध हैं।
रावण से युद्ध करते हुए जटायु घायल हो गए थे और राम के आने पर उन्होंने सीता के अपहरण की सूचना दी और प्राण त्याग दिए, जिसे जटायुवध कहा जाता है।
4. किष्किन्धाकाण्डम् (d) →(iii) बालिवधः
किष्किन्धाकाण्ड रामायण का चतुर्थ काण्ड है।
इस काण्ड में राम का हनुमान और सुग्रीव से मिलना, सुग्रीव से मैत्री, और बाली तथा सुग्रीव के बीच युद्ध होता है।
राम ने सुग्रीव की सहायता करते हुए बाली का वध किया था (बालिवधः), जिसके बाद सुग्रीव किष्किन्धा के राजा बने।