Correct option is B
परिचय
प्रत्यय वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द या धातु के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन ला देते हैं।
व्याख्या
दिए गए तीन युग्मों में से,
केवल दो युग्म सही हैं: युग्म 1 और युग्म 2।
·
(b) केवलं द्वौ युग्मौ
सम्यक् (केवल दो युग्म सही हैं)।
सही युग्मों का विवरण:
1.
तद्धितप्रत्ययः : अपत्यार्थे 'अण्'
· यह युग्म
सही है।
·
'अण्' प्रत्यय एक
तद्धित प्रत्यय है, जो मुख्य रूप से
'अपत्यार्थ' (संतान या वंश) के अर्थ में प्रयुक्त होता है।
· जैसे:
वसुदेव (मूल शब्द) +
अण् (प्रत्यय) =
वासुदेवः (वसुदेव का पुत्र)।
·
दशरथ +
अण् =
दाशरथिः (दशरथ का पुत्र/वंश)।
2.
मतुप् प्रत्ययः : विशेषणार्थे प्रयुज्यते
· यह युग्म
सही है।
·
'मतुप्' प्रत्यय भी एक
तद्धित प्रत्यय है, जिसका प्रयोग
'वाला/वाली' या
'युक्त' के अर्थ में होता है, जो
विशेषण बनाने का कार्य करता है।
· यह किसी वस्तु के
धारक या
स्वामी को दर्शाता है।
· जैसे:
गो (गाय) +
मतुप् (प्रत्यय) =
गोमान् (गो से युक्त/वाला, अर्थात्
धनी)।
·
श्री (धन/वैभव) +
मतुप् =
श्रीमान् (श्री से युक्त/वाला)।
3.
तुमुन् प्रत्ययः : कर्तरि प्रयुक्तः भवति
· यह युग्म
गलत है।
·
'तुमुन्' प्रत्यय का प्रयोग
कर्तरि (कर्ता अर्थ में) नहीं होता है, बल्कि यह
क्रियार्थक क्रिया के अर्थ में प्रयुक्त होता है, जिसका अर्थ
'के लिए' होता है।
· जैसे:
पठ् (धातु) +
तुमुन् (प्रत्यय) =
पठितुम् (पढ़ने के लिए)।
· कर्तरि (कर्ता) अर्थ में
कृत् प्रत्यय जैसे
'तृच्' या
'ण्वुल्' (जिसका 'अक' शेष रहता है) का प्रयोग होता है।
· जैसे:
कृ (धातु) +
तृच् =
कर्ता (करने वाला)।
·
कृ (धातु) +
ण्वुल् =
कारकः (करने वाला)।
रोचक तथ्य · (a)
केवलम् एकः युग्मः - यह विकल्प गलत है क्योंकि युग्म 1 और 2 दोनों सही हैं।
· (c)
सर्वे त्रयः युग्माः - यह विकल्प गलत है क्योंकि युग्म 3 (तुमुन् प्रत्यय) कर्ता अर्थ में प्रयुक्त नहीं होता है।
· (d)
न कश्चित् - यह विकल्प गलत है क्योंकि युग्म 1 और 2 सही हैं।