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CBSE Class 10 Hindi MCQ For Term 1 Questions With Answers

Class 10 Hindi MCQ Term 1

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CBSE Class 10 Term 1 Hindi MCQ Questions With Answers

निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए:

1. मानव-जीवन में कितनी संभावनाएँ छिपी हैं, इसकी कोई सीमा नहीं है। पशु से लेकर देवत्व तक की सारी सीढ़ियाँ मानवीय चोले में से होकर गुजरती हैं। शर्त एक ही है-उसके लिए चुनौती चाहिए। बिना चुनौती के वे सारी संभावनाएँ सोई रहती हैं। संसार में जितने भी पैगंबर या अवतार हुए हैं, वे सब अपने-अपने समय की चुनौतियों के उत्तर हैं। हर एक युग की अपनी चुनौतियाँ होती हैं, जन सामान्य उन चुनौतियों को न तो पहचान पाता है, न उनका सामना करने की सामर्थ्य जुटा पाता है। पर जो तेजस्वी पुरुष उन चुनौतियों को पहचानकर उनका उत्तर देने के लिए मैदान में कूद पड़ता है, लोग उसे ‘महापुरुष’ कहकर स्वयं उसका अनुगमन करने को तैयार हो जाते हैं। संसार में ज्ञान-विज्ञान की जितनी भी उन्नति हुई है, उस सबके मूल में भी वही चुनौतियों वाली बात है। मनुष्य के मन में कुछ प्रश्न पैदा होते हैं, उन प्रश्नों का उत्तर देने के लिए वह अपनी बुद्धि का प्रयोग करता है। फिर कुछ नए प्रश्न पैदा होते हैं, वह फिर उनका उत्तर देने का प्रयत्न करता है- और यों ज्ञान-विज्ञान की दृष्टि से मानव-कोश में वृद्धि होती चली जाती है।

(i) मानव-जीवन में चुनौतियों का क्या महत्व है?

(क) संभावनाएँ वास्तविकता में परिणत हो जाती हैं।

(ख) ज्ञान-विज्ञान की उन्नति होती है। उत्तर मिलते हैं।

(ग) प्रश्नों के (घ) महापुरुष पैदा होते हैं।

उत्तरः (घ) महापुरुष पैदा होते हैं।

(ii) ज्ञान-विज्ञान में उन्नति किस प्रकार होती है?

(क) चुनौतियों का सामना करके (ख) प्रश्नों के उत्तर खोजकर

(ग) संभावनाओं को पहचानकर

(घ) महापुरुषों का अनुगमन करके

उत्तर: (ख) प्रश्नों के उत्तर खोजकर (iii) सामान्य मनुष्य तेजस्वी क्यों नहीं बन पाता ?

(क) उत्तर नहीं खोज पाता।

(ख) चुनौतियों को पहचान नहीं पाता।

(ग) महापुरुषों का अनुगमन नहीं कर पाता।

(घ) बुद्धिहीन होता है।

उत्तर: (ख) चुनौतियों को पहचान नहीं पाता।

(iv) ‘मानवीय चोले’ से क्या अभिप्राय है?

(क) मनुष्य के वस्त्र

(ग) मनुष्य के गुण

(ख) मानव शरीर

(घ) मानवीय मूल्य और आदर्श

उत्तर: (ख) मानव शरीर

(v) प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक

(क) ज्ञान-विज्ञान की उन्नति

(ख) सामान्य जन और महापुरुष

(ग) संभावनाएँ

(घ) मानव जीवन में चुनौतियों का महत्त्व

उत्तर: (घ) मानव जीवन में चुनौतियों का महत्त्व

2. सच्चे वीर अपने प्रेम के जोर से लोगों को सदा के लिए बाँध देते हैं। वीरता की अभिव्यक्ति कई प्रकार से होती है। कभी लड़ने-मरने, खून बहाने एवं तोप-तलवार के सामने बलिदान करने से होती है तो कभी जीवन के गूढ़ तत्व और सत्य की तलाश में बुद्ध जैसे राजा के विरक्त हो जाने से होती है। वीरता एक प्रकार की अंत: प्रेरणा है। जब कभी उसका विकास हुआ तभी एक नया कमाल नज़र आया। एक नई रौनक, एक नया रंग, एक नई बहार संसार में छा गई। वीरता हमेशा निराली और नई होती है। नया पल भी वीरता का एक विशेष रंग है। वीरता देशकाल के अनुसार संसार में जब भी प्रकट हुई, तभी एक नया स्वरूप लेकर आई, जिसके दर्शन करते ही सब लोग चकित हो गए। वीरों के बनाने के कारखाने नहीं होते। वे तो देवदार के वृक्ष की भाँति जीवन-रूपी वन में स्वयं पैदा होते हैं। बिना किसी के पानी दिए, बिना किसी के दूध पिलाए बढ़ते हैं। वीर पुरुष का दिल सबका दिल और उसका मन सबका मन हो जाता है। उसके विचार सबके विचार हो जाते. हैं। उसके संकल्प सबके संकल्प हो जाते हैं। जीवन के केंद्र में निवास करो और सत्य की चट्टान पर दृढ़ता से खड़े हो जाओ।

(i) सच्चे वीर अपने प्रेम के जोर से लोगों को सदा के लिए बाँध देते हैं। वाक्य में ‘बाँधने’ से क्या अभिप्राय है?

(क) अपना बनाना

(ख) उन्मुक्त करना

(ग) मज़बूती से कसना

(घ) गाँठ लगाना

उत्तरः (क) अपना बनाना

(ii) वीरता की अभिव्यक्ति नहीं होती है (क) युद्ध क्षेत्र में शत्रु का मुकाबला करने में

(ख) जीवन के गूढ़तत्व की तलाश में

(ग) सत्य की तलाश में

(घ) सांसारिक वैभव को प्राप्त करने में

उत्तर: (घ) सांसारिक वैभव को प्राप्त करने में

(iii) वीर पुरुष के विचार, संकल्प तथा मन की क्या विशेषता नहीं होती है?

(क) उसके विचार, संकल्प स्वार्थ से ओत- होते हैं। (ख) उसके मन में सबके प्रति प्रेम व परहित की भावना होती है।

(ग) उसके विचार, संकल्प तथा मन सबके बन जाते हैं।

(घ) वह दुनिया को अपने पीछे चलाने की कला जानता है।

उत्तर: (क) उसके विचार, संकल्प स्वार्थ से ओत-प्रोत होते हैं।

(iv) वीर कैसे उत्पन्न होते हैं?

(क) वीर कारखाने में बनाए जाते हैं।

(ख) विशेष ढंग से पालन-पोषण करने से बन जाते हैं।

(ग) जीवन रूपी वन में स्वयं पैदा होते हैं।

(घ) विशेष शिक्षा-दीक्षा से बन जाते हैं।

उत्तर: (ग) जीवन रूपी वन में स्वयं पैदा होते हैं।

(v) वीरता का संदेश नहीं है

(क) जीवन के केंद्र में निवास करने का।

(ख) सत्य की चट्टान पर दृढ़ता से खड़े होने का।

(ग) जीवन में सिर्फ युद्ध करते रहने का।

(घ) विरोधी को समूल उखाड़ फेंकने का।

उत्तरः (ग) जीवन में सिर्फ युद्ध करते रहने का।

3. विद्यार्थी जीवन ही वह समय है जिसमें बच्चों के चरित्र, व्यवहार तथा आचरण को जैसा चाहे वैसा रूप दिया जा सकता है। यह अवस्था

भावी वृक्ष की उस कोमल शाखा की भाँति है जिसे जिधर चाहे मोड़ा जा सकता है। पूर्णतः विकसित वृक्ष की शाखाओं को मोड़ना संभव नहीं। उन्हें मोड़ने का प्रयास करने पर वे टूट तो सकती हैं, पर मुड़ नहीं सकतीं। छात्रावस्था उस श्वेत चादर की तरह होती है जिसमें जैसा प्रभाव डालना हो, डाला जा सकता है। सफेद चादर पर एक बार जो रंग चढ़ गया, सो चढ़ गया; फिर से वह पूर्वावस्था को प्राप्त नहीं हो सकती। इसीलिए प्राचीन काल से ही विद्यार्थी जीवन के महत्त्व को स्वीकार किया गया है। इसी अवस्था में सुसंस्कार और सद्वृत्तियाँ पोषित की जा सकती हैं। इसीलिए प्राचीन समय में बालक को घर से दूर गुरुकुल में रहकर कठोर अनुशासन का पालन करना होता था।

(i) व्यवहार को सुधारने का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?

(क) बाल्यावस्था

(ख) छात्रावस्था

(ग) प्रौढ़ावस्था

(घ) विकसित अवस्था

उत्तर: (ख) छात्रावस्था

(ii) छात्रावस्था की तुलना विकसित पेड़ से क्यों नहीं की जा सकती ?

(क) शाखाएँ बहुत भारी होती हैं।

(ख) विकसित पेड़ की शाखा आसानी से टूट जाती है.

(ग) शाखा तक आसानी से पहुँचा नहीं जा सकता।

(घ) विकसित पेड़ की शाखा मुड़ नहीं सकती।

उत्तर: (घ) विकसित पेड़ की शाखा मुड़ नहीं सकती।

(iii) प्राचीन काल में छात्रों को गुरुकुल में क्यों छोड़ा जाता था?

(क) उनमें सुसंस्कार और सद्वृत्तियाँ पोषित हों।

(ख) कठोर अनुशासन का पालन करना सीखें।

(ग) विद्यार्थी जीवन का महत्त्व स्वीकार हो ।

(घ) घर में संस्कार देना संभव नहीं।

उत्तरः (ख) कठोर अनुशासन का पालन करना सीखें।

(iv) छात्रावस्था सफेद चादर के समान है, क्योंकि

(क) जैसा प्रभाव डालना हो, डाला जा सकता है।

(ख) जितना प्रभाव डालना हो डाला जा सकता है।

(ग) एक बार प्रभाव पड़ने पर बदला नहीं जा सकता।

(घ) इस अवस्था में छात्रों में विरोध की भावना नहीं पनपती।

उत्तरः (ग) एक बार प्रभाव पड़ने पर बदला नहीं जा सकता।

(v) ‘विकसित’ विशेषण बना है

(क) सर्वनाम से

(ग) अव्यय से

(ख) संज्ञा से

(घ) क्रिया से

उत्तर: (घ) क्रिया से

4. श्रम की अवज्ञा के परिणाम का सबसे ज्वलंत उदाहरण है-हमारे देश में व्याप्त शिक्षित वर्ग की बेकारी। हमारा शिक्षित युवा वर्ग शारीरिक श्रमपरक कार्य करने से परहेज करता है। वह यह नहीं सोचता है कि शारीरिक श्रम परिणामतः कितना सुखदायी होता है। पसीने से सिंचित वृक्ष में लगने वाला फल कितना मधुर होता है। ‘दिन अस्त और मज़दूर मस्त’ इसका भेद जानने वाले महात्मा ईसामसीह ने अपने अनुयायियों को यह परामर्श दिया था कि तुम केवल पसीने की कमाई खाओगे। पसीना टपकाने के बाद मन को संतोष और तन को सुख मिलता है, भूख भी लगती है और चैन की नींद भी आती है।

हमारे समाज में शारीरिक श्रम न करना सामान्यत: उच्च सामाजिक स्तर की पहचान माना जाता है। यही कारण है कि ज्यों-ज्यों आर्थिक स्थिति में सुधार होता जाता है, त्यों-त्यों बीमारों व बीमारियों की संख्या में वृद्धि होती जाती है। इतना ही नहीं, बीमारियों की नई-नई किस्में भी सामने आती जाती हैं। जिस समाज में शारीरिक श्रम के प्रति हेय दृष्टि नहीं होती है, वह समाज अपेक्षाकृत अधिक स्वस्थ एवं सुखी दिखाई देता है। विकसित देशों के निवासी शारीरिक श्रम को जीवन का आवश्यक अंग समझते हैं। ऐसे उदाहरण भारत में ही मिल सकते. हैं कि शत्रु दरवाज़ा तोड़ रहे हैं और नवाय साहब इंतज़ार कर रहे हैं जूते पहनाने वाली याँदी का।

(i) श्रम की अवज्ञा का क्या परिणाम दिखाई दे रहा है?

(क) अज्ञानता की वृद्धि।

(ख) आलस्य में वृद्धि।

(ग) शिक्षितों की बेकारी।

(घ) रोगों में वृद्धि ।

उत्तरः (घ) रोगों में वृद्धि ।

(ii) ‘शारीरिक’ शब्द में किस प्रत्यय का प्रयोग है?

(क) रिक

(ख) इक

(ग) क

(घ) ईरिक

उत्तर: (ख) इक

(iii) पसीना टपकाने के बाद क्या नहीं मिलता है?

(क) तन को सुख

(ख) मन का संतोष

(ग) जीवन में आपदाएँ

(घ) चैन की नींद

उत्तर: (ग) जीवन में आपदाएँ

(iv) शारीरिक श्रम के प्रति उच्च दृष्टि रखने वाले को मिलती है

(क) पसीने की कमाई

(ख) वेदना

(ग) धन-संपन्नता

(घ) स्वास्थ्य एवं सुखमयता

उत्तरः (घ) स्वास्थ्य एवं सुखमयता

(v) नवाब साहब को संकट की घड़ी में भी किसका इंतज़ार था?

(क) जूता पहनाने वाली बाँदी का ।

(ख) भागने का ।

(ग) आराम करने का।

(घ) शत्रु से टक्कर लेने का ।

उत्तरः (क) जूता पहनाने वाली बाँदी का।

5. जीवन के फैसले मनुष्य को स्वयं करने होते हैं, इसलिए आदमी को आत्मनिर्भर होना चाहिए। अब तुम्हें क्या करना चाहिए, इसका ठीक-ठीक उत्तर तुम्हीं को देना होगा, दूसरा कोई नहीं दे सकता। कैसा भी विश्वासपात्र मित्र हो, तुम्हारे इस काम को वह अपने ऊपर नहीं ले सकता। हम अनुभवी लोगों की बातों को आदर के साथ सुनें, बुद्धिमानों की सलाह को कृतज्ञतापूर्वक मानें, पर इस बात को निश्चित समझकर कि हमारे कामों से ही हमारी रक्षा व हमारा पतन होगा, अपने विचार और निर्णय की स्वतंत्रता को दृढ़तापूर्वक बनाए रखना चाहिए। जिस पुरुष की दृष्टि सदा नीची रहती है, उसका सिर कभी ऊपर न होगा। नीची दृष्टि रखने से यद्यपि रास्ते पर रहेंगे पर इस बात को न देखेंगे कि यह रास्ता कहाँ ले जाता है। अपने व्यवहार को मृदुल बनाए रखो। कठोरता, उद्दंडता और अक्खड़पन कतई नहीं हो। अपने व्यवहार में कोमल रहो और अपने उद्देश्यों को उच्च रखो, इस प्रकार नम्र और उच्चाशय दोनों बनो। अपने मन को कभी मरा हुआ न रखो।

(i) हम अपने जीवन के फैसले लेने में कैसे आत्मनिर्भर बन सकते हैं?

(क) अपने विचार और निर्णय की स्वतंत्रता को बनाए रखकर ।

(ख) विश्वासपात्र मित्र का सहारा लेकर।

(ग) अनुभवी लोगों की बातें सुनकर ।

(घ) बुद्धिमानों की सलाह को कृतज्ञतापूर्वक मानकर ।

उत्तर: (क) अपने विचार और निर्णय की स्वतंत्रता की बनाए रखकर।

(ii) व्यवहार की मृदुलता

(क) कठोर बनाती है।

(ख) नम्र और उच्चाशय बनाती है।

(ग) मन को मरने नहीं देती।

(घ) पतन होने से बचाती है।

उत्तरः (ख) नम्र और उच्चाशय बनाती है।

(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सूक्ति है –

(क) जीवन के फैसले मनुष्य को स्वयं करने होते हैं।

(ख) अपने व्यवहार को मृदुल बनाए रखो।

(ग) नम्र और उच्चाशय दोनों बनो।

(घ) जिस पुरुष की दृष्टि सदा नीची रहती है, उसका सिर कभी

ऊपर न होगा।

उत्तर: (घ) जिस पुरुष की दृष्टि सदा नीची रहती है, उसका सिर कभी ऊपर न होगा।

(iv) निम्नलिखित में से किस शब्द का अर्थ ‘कोमल’ है

(क) निश्चित

(ख) उद्दंड

(ग) मृदुल

(घ) कृतज्ञ

उत्तर: (ग) मृदुल

(v) प्रस्तुत गद्यांश का उचित शीर्षक है

(क) आत्मनिर्भरता।

(ख) नम्र और उच्चाशय बनो।

(ग) फैसले स्वयं करो।

(घ) हमारी रक्षा व पतन।

उत्तरः (क) आत्मनिर्भरता।

निम्नलिखित काव्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही

विकल्प चुनकर लिखिए:

1. कहा दासी ने धीरज त्याग

“लगे इस मेरे मुँह में आग।

मुझे क्या, मैं होती हूँ कौन ?

नहीं रहती हूँ फिर क्यों मौन ?

देखकर किंतु स्वामि-हित-घात

निकल ही जाती है कुछ बात। इधर भोली हैं जैसी आप,

समझती सबको वैसी आप।

नहीं तो यह सीधा षड्यंत्र,

रचा क्यों जाता यहाँ स्वतंत्र ? महारानी कौसल्या आज,

सहज सज लेतीं क्या सब साज ?

कहा रानी ने–“क्या षड्यंत्र ? वचन है तेरे मायिक मंत्र ।

हुई जाती हूँ मैं उद्भ्रांत,

खोलकर कह तू सब वृत्तांत।”

मंथरा ने फिर ठोका भाल

‘शेष है अब भी क्या कुछ हाल ?

सरलता भी ऐसी है व्यर्थ,

समझ जो सके न अर्थानर्थ।

भरत को करके घर से त्याज्य,

राम को देते हैं नृप राज्य

भरत-से सुत पर भी संदेह

बुलाया तक न उन्हें जो गेह।”

(i) दासी कौन है?

(क) कैकेयी

(ख) मंथरा

(घ) कौसल्या

(ग) कुब्जा

उत्तर: (ख) मंथरा

(ii) मंथरा के अनुसार

(क) कैकेयी अत्यंत सरल है, इसलिए षड्यंत्र को समझ नहीं पा रही।

(ख) कैकेयी ने जान-बूझकर भरत को घर से भेजा है, ताकि वे राज्य की गाँग न करें।

(ग) कैकेयी स्वयं षड्यंत्र का हिस्सा है, अतः भोली होने का

नाटक कर रही है।

(घ) मंथरा को राजा की पूरी चाल पता है।

उत्तरः (क) कैकेयी अत्यंत सरल है, इसलिए षड्यंत्र को समझ नहीं पा रही।

(iii) मंथरा क्यों दुखी है?

(क) राम राजा बन रहे हैं।

(ख) भरत वन जा रहे हैं।

(ग) कैकेयी का अहित हो रहा है।

(घ) कौशल्या ने षड्यंत्र रचाया है।

उत्तरः (ग) कैकेयी का अहित हो रहा है।

(iv) ‘अर्थानर्थ’ सामासिक शब्द का सही विग्रह है

(क) अर्थ और नर्थ

(ग) अर्थ और व्यर्थ

(ख) अर्थ और अनर्थ

(घ) अर्थ, अन् और अर्थ

उत्तर- (ख) अर्थ और अनर्थ

प्रयुक्त हुई है?

(v) काव्यांश में कौन-सी शैली

(क) व्याख्यात्मक शैली

(ग) संवादात्मक शैली

(ख) प्रश्नात्मक शैली

(घ) वर्णनात्मक शैली

उत्तर: (ग) संवादात्मक शैली

शांत रस का स्थाई भाव है

(a) निर्वेद

(b) अद्भुत

(c) वीर

(d) श्रृंगार

उत्तर – (a)

“एक और अजगर ही लखि, एक और मृगराज,
विकल बटोही बीच ही परयों मूर्छा खाय।”- इन
पंक्तियों में कौन-सा रस है?

(a) अद्भुत

(b) भयानक

(c) रौद्र

(d) हास्य

उत्तर – (b)

Trick: एक तरफ अजगर और एक तरफ मृगराज
यानि शेर को देखकर भय महसूस हुआ इसीलिए
भयानक होगा।

सर्वश्रेष्ठ रस किसे माना जाता है ?

(a) रौद्र रस

(b) श्रृंगार रस

(c) करुण रस

(d) वीर रस

उत्तर – (b)

मेरे तो गिरिधर गोपाल दुसरो न
कोई | जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति
सोई || इन पंक्तियों में कौन -सा रस है ?

(a) शांत

(b) श्रृंगार रस

(c) करुण रस

(d) हास्य

उत्तर – (b)

Trick: यहां गिरधर गोपाल यानि श्री
कृष्ण को पति बनाने की रही है इसीलिए
श्रृंगार रस

हिन्दी साहित्य का नौवां रस कौन-सा है ?

(a) भक्ति

(b) वत्सल

(c) शांत

(d) करुण रस

उत्तर – (c)

उस काल कारे क्रोध के, तन कांपने उसका
लगा |

मानो हवा के जोर से, सोता हुआ सागर जगा
||

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन सा रस है ?

(a) वीर रस

(b) रौद्र रस

(c) अद्भुत रस

(d) करुण रस

उत्तर – (b)

Trick: कविता पढ़ने से क्रोध का अनुभव हो रहे
जिसका रस है रौद्र।

वीर रस का स्थायी भाव क्या होता है ?

(a) रति

(b) उत्साह

(c) हास्य

(d) क्रोध

उत्तर – (b)

संचारी भावों की संख्या है –

(a) 9

(b) 33

(c) 16

(d) 99

उत्तर – (b)

वीभत्स रस का स्थायी भाव है –

(a) भय

(b) निर्वेद

(c) शोक

(d) जुगुप्सा/घृणा

उत्तर – (d)

क्रोध किस रस का स्थायी भाव है –

(a) वीभत्स

(b) भयानक

(c) रौद्र

(d) वीर रस

उत्तर – (c)

किलक अरे मैं नेह निहारूं |

इन दाँतो पर मोती वारूँ||

इन पंक्तियों में कौन-सा रस है ?

(a) वीर

(b) शांत

(c) वात्सल्य

(d) हास

उत्तर – (c)

Trick: यहाँ छोटे बच्चे के दाँतो की बात हो रही

भाव जिसके हदय में रहते है’ उसे कहते है ?

(a) आश्रय

(b) आलंबन

(c) उद्दीपन

(d) आलंबन व उद्दीपन

उत्तर – (a)

मैं सत्य कहता हूँ सखे, सुकुमार मत
जानो मुझे | यमराज से भी युद्ध में प्रस्तुत
सदा मानो मुझे || में कौनसा रस है ?

(a) वीर रस

(b) संयोग रस

(c) शांत रस

(d) करुण रस

उत्तर – (a)

Trick: यमराज से लड़ने की बात हो रही है।

हाँ रघुनंदन प्रेम परीते | तुम विन
जिअत बहुत दिन बीते | में कौनसा रस है?

(a) वीर रस

(b) संयोग रस

(c) शांत रस

(d) करुण रस

उत्तर – (d)

Trick: इन पंक्तियों में शोक सन्देश है।

रे नृप बालक काल बस बोलत
तेहि न संभार | धनु ही सम त्रिपुरारि
|धनु विदित सकल संसार ||

कौनसा रस है |

(a) वियोग रस

(b) रौद्र रस

(c) संयोग रस

(d) करुण रस

उत्तर – (b)

Trick: ये कविता की पंक्तियाँ गुस्से
में कही गयी है।

पायो जी म्हें तो राम- रतन धन
पायो | वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु,
करि किरपा अपणायो || कौनसा रस है ?

(a) वात्सल्य रस

(b) शांत रस

(c) भक्ति रस

(d) अद्भुत रस

उत्तर – (c)

Trick: इसमें भक्ति का बोध हो रहा है।

देखी यशोदा शिशु के मुख में सकल
विश्व की माया | क्षण भर को वह बनी
अचेतन हित न सकी कोमल काया || में
कौनसा रस है?

(a) वात्सल्य रस

(b) शांत रस

(c) भक्ति रस

(d) अद्भुत रस

उत्तर – (d)

Trick: यशोदा माता अपने शिशु के मुख
में पूरा संसार देख कर आश्चर्य में है।

उठो लाल अब आँखें खोलो पानी लाइ हूँ मुँह धो
लो |

में कौनसा रस है?

(a) शांत रस

(b) वात्सल्य रस

(c) भक्ति रस

(d) अद्भुत रस

उत्तर – (b)

Trick: इन पंक्तियों में अपने बच्चे से प्रेम को
दिखता है

दुलहिन गावहु मंगलचार हम घर आये
राजा राम भरतार || में कौनसा रस है?

(a) वीभत्स रस

(b) वात्सल्य रस

(c) संयोग रस

(d) वियोग रस

उत्तर – (c)

Trick: श्री राम जी का अपनी दुल्हन से
मिलन हो रहा है।

मैया मोरी चंद्र खिलौना लाऊ हो |
जैहयो कोटि घस पर अबहि तेरे गोद न
अइहो | में कौनसा रस है?

(a) वीभत्स रस

(b) वात्सल्य रस

(c) संयोग रस

(d) वियोग रस

उत्तर – (b)

Trick: बच्चा अपनी माँ से खिलौने के लिए
जिद्द कर रहा है।

जब मै था तब हरि नाहिं, अब हरि है मै
नाहिं | सब अँधियारा मिट गया, जब दीपक
देख्या माहिं || में कौनसा रस है?

(a) शांत रस

(b) वात्सल्य रस

(c) भक्ति रस

(d) अद्भुत रस

उत्तर – (a)

Trick: हरि यानि भगवान को पाने के बाद सब
अँधेरा मिट गया।

बुंदेले हर बोलो के मुख हमने सुनी
कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी
वाली रानी थी।।

(a) वीर रस

(b) संयोग रस

(c) शांत रस

(d) करुण रस

उत्तर – (a)

Trick: रानी लक्ष्मी बाई की वीरता की दिखा
रहा है।

बुरे समय को देख कर गंजे तू क्यों
रोय। किसी भी हालत में तेरा बाल न
बाँका होय || में कौनसा रस है ?

(a) वीर रस

(b) संयोग रस

(c) शांत रस

(d) हास्य

उत्तर – (d)

Trick: यहाँ हास्य रस है।

पड़ी थी बिजली-सी विकराल, लपेटे
थे घन जैसे बाल। कौन छेड़े ये काले साँप,
अवनिपति उठे अचानक काँप। में कौनसा
रस है ?

(a) शांत रस

(b) वात्सल्य रस

(c) भक्ति रस

(d) अद्भुत रस

उत्तर – (d)

Trick: ऐसी घटना में बताया जा रहा है जो
पहले कभी नहीं देखा गया बिलकुल अलग
अलग सा।

‘गुर्वित के द्वारा पत्र लिखा गया, यह
उदाहरण किस वाच्य का है?

(a) कर्तृवाच्य

(b) कर्मवाच्य

(c) भाववाच्य

(d) कोई नहीं

उत्तर – ( B )

निम्नलिखित वाक्यों में से किस वाक्य में
‘कर्मवाच्य है?

(a) कमीज दर्जी द्वारा सिल दी गई।

(b) लड़की सिलाई सीख दी ।

(c) शिक्षक ने विद्यार्थी की प्रशंसा की।

(d) राम पुस्तक पढ़ रहा है।

उत्तर – ( A )

‘कर्मवाच्य’ का उदाहरण वाक्य है

(a) मुझसे पत्र पढ़ा नहीं जाता।

(b) मैं नहीं पढ़ता।

(c) रमेश नहाया।

(d) लोग बकते हैं।

उत्तर – ( A )

निम्न में से ‘कर्तृवाच्य’ वाक्य है

(a) छात्रों द्वारा कुर्सी तोड़ डाली गई।

(b) दरवाजे पर ताला लगा दिया जाए।

(c) पुस्तक अलमारी में रखी जाती है।

(d) रावण ने सीता का हरण किया।

उत्तर – ( D )

निम्नलिखित में से ‘कर्मवाच्य’ वाला वाक्य
नहीं है-

(a) तुम्हें गणित किसने पढ़ाया

(b) बाहर से आवाज दी जाए

(c) दुकान से सामान लाया जाए

(d) आदेश दिया जाए

उत्तर – ( A )

‘आदेश का पालन किया जाए’ वाक्य में
प्रयुक्त वाच्य है |

(a) कर्तृवाच्य

(b) कर्मवाच्य

(c) भाववाच्य

(d) कोई नहीं

उत्तर – ( B )

‘क्या वे लिखेंगे?’ वाक्य का
‘भाववाच्य’ में परिवर्तित रूप है

(a) क्या वह लिखेगा?

(b) क्या वे लिख सकते है?

(c) क्या वे लिख सकेंगे?

(d) क्या उनसे लिखा जाएगा?

उत्तर – ( D )

निम्नलिखित में से गलत विकल्प है

(a) मजदूर लकड़ी काट रहा है।- कर्तृवाच्य

(b) मैं प्रतिदिन गीता पाठ करती हूँ।- कर्तृवाच्य

(c) मैं इस गर्मी में नहीं सो सकता।- कर्मवाच्य

(d) मुझसे इतना दु:ख नहीं सहा जाता।– भाववाच्य

उत्तर – ( C )

निम्नलिखित में से कौनसा वाक्य ‘कर्तृवाच्य’
नहीं है?

(a) कैदी रिहा कर दिये जाएँ।

(b) प्रेमचन्द ने गोदान लिखा।

(c) ट्रक ने सारा सामान पहुंचा दिया।

(d) राधा लिख नहीं पाती।

उत्तर – ( A )

निम्नलिखित वाक्यों में से ‘कर्तृवाच्य’ नहीं
है-

(a) पुस्तक पढ़ी जाती है।

(b) रमा सितार बजाती है।

(c) वह पत्र लिखता है।

(d) रिद्धिमा पुस्तक पढ़ती है।

उत्तर – ( A )

‘भगवान द्वारा हमारी रक्षा की जाती है।’
वाक्य में वाच्य है –

(a) कर्तृवाच्य

(b) कर्मवाच्य

(c) भाववाच्य

(d) कर्मधारय वाच्य

उत्तर – ( B )

‘मैं रामायण नहीं पढ़ सका।’ वाक्य में वाच्य
है-

(a) कर्तृवाच्य

(b) कर्मवाच्य

(c) भाववाच्य

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर – ( A )

‘अध्यापक ने कक्षा में गणित की
परीक्षा ली।’ वाक्य में वाच्य है

(a) कर्तृवाच्य

(b) कर्मवाच्य

(c) भाववाच्य

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर – ( A )

‘मेरे द्वारा पुस्तक पढ़ी गई।’ वाक्य में
कौनसा वाच्य है?

(a) कर्तृ वाच्य

(b) कर्मवाच्य

(c) सकर्मक क्रिया

(d) भाववाच्य

उत्तर – ( B )

निम्नलिखित वाक्यों में ‘कर्तृवाच्य’ का
उदाहरण है

(a) अध्यापक ने विद्यार्थियों को पढ़ाया।

(b) अध्यापक द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाया गया।

(c) अध्यापक द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाया नहीं
जाता।

(d) अध्यापक से विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।

उत्तर – ( A )

‘वह लड़ाई में मारा गया।’ वाक्य में प्रयुक्त
वाच्य है –

(a) कर्तृवाच्य

(b) कर्मवाच्य

(c) भाववाच्य

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर – ( B )

निम्नलिखित कर्तृवाच्य को
कर्मवाच्य में बदलिए- ‘तुम अखबार पढ़ते
हो।’

(a) तुमने अखबार पढ़ा।

(b) तुम्हारे द्वारा अखबार पढ़ा जाता है।

(c) तुम अखबार पढोगे।

(d) तुम अखबार पढ चके हो।

उत्तर – ( B )

इनमें से कौन-सा वाक्य ‘कर्तृवाच्य’ में नहीं
है?

(a) वह बाजार जा रहा है।

(b) बालक खेल रहा है।

(c) मैं पुस्तक पढ़ रहा हूँ।

(d) मुझसे अब चला नहीं जाता।

उत्तर – ( D )

इनमें से कौन-सा वाक्य ‘कर्मवाच्य’ में है?

(a) उसके द्वारा पत्र लिखा गया।

(b) वह पत्र अवश्य लिखेगा।

(c) वह प्रतिदिन पत्र लिखता है।

(d) वह पत्र लिख रहा की

उत्तर – ( A )

इनमें से कौन-सा वाक्य ‘भाववाच्य’ में नहीं
है?

(a) बच्चे ने मिठाई खाई।

(b) दादी जी से चढ़ा नहीं जाता।

(c) वृद्धों से झका नहीं जाता।

(d) बच्चे से मुस्कराया नहीं जाता।

उत्तर – ( A )

इनमें से कौन-सा कथन सही नहीं है?

(a) कर्मवाच्य में भी क्रिया के लिंग, वचन कर्ता के
अनुसार ही होते हैं।

(b) भाववाच्य मे क्रिया का संबंध कर्ता और कर्म से
नहीं होता।

(c) कर्मवाच्य सदैव सकर्मक क्रियाओं का ही होता है

(d) कर्तवाच्य में क्रिया के लिंग, वचन कर्ता के
अनुसार होते हैं।

उत्तर – ( A )

किस वाक्य में ‘भाववाच्य’ का प्रयोग हुआ है?

(a) सीता ने खाना बनाया।

(b) मोहन के द्वारा कपड़ा सिया जाता है।

(c) बालक पुस्तक पढ़ रहा है।

(d) उससे धूप में चला नहीं जाता।

उत्तर – ( D )

इनमें से कौन-सा वाक्य ‘कृर्तवाच्य’ में है?

(a) मैं पुस्तक पढ़ रहा हूँ।

(b) मुझसे चला नहीं जाता।

(c) खाना बना दिया गया है।

(d) प्रार्थना-पत्र दिया जा चुका है।

उत्तर – ( A )

‘राम नहीं जाता है।’ वाक्य का
भाववाच्य में परिवर्तित रूप होगा –

(a) राम को नहीं जाना है।

(b) राम जाता ही नहीं है।

(c) राम नहीं जाया करता है।

(d) राम से जाया नहीं जाता है।

उत्तर – ( D )

‘कर्तृवाच्य’ का उदाहरण है

(a) कपड़ा सिया जाता है।

(b) यहाँ बैठा नहीं जाता।

(c) अखबार पढ़े जाते हैं।

(d) स्त्री कपड़ा सीती है।

उत्तर – ( D )

निम्नलिखित में से ‘कर्मवाच्य’ का उदाहरण
है –

(a) कलाकार मूर्ति गढ़ता है।

(b) नानी द्वारा कहानी सुनाई जाएगी।

(c) मैं प्रतिदिन खेल खेलता हूँ।

(d) मुझसे अब नहीं चला जाता।

उत्तर – ( B )

भाववाच्य से कर्तृवाच्य में
बदलें-‘लड़कियों द्वारा छत से कूदा गया।

(a) लड़कियाँ छत से कूदीं।

(b) लड़कियों द्वारा छत से कूद गयीं।

(c) लड़कियों द्वारा छत से कूदी गयीं।

(d) लड़कियों से छत से कूदा गया।

उत्तर – ( A )

“वैशाली ने पुस्तक पढ़ी” वाक्य में वाच्य है –

(a) कर्तृवाच्य

(b) कर्मवाच्य

(c) भाववाच्य

(d) कोई नहीं

उत्तर – ( A )

‘कर्मवाच्य’ का उदाहरण वाक्य है –

(a) किसानों द्वारा फसल काट ली गई है

(b) बच्चे घर जा रहे है

(c) धावको से दौड़ा नही गया

(d) राम ने खाना खाया ।

उत्तर – ( A )

‘भाववाच्य’ का प्रयोग नही हुआ
है –

(a) धूप में चला नही जाता ।

(b) मुझसे यह बोझ उठाया न जाएगा

(c) मुझसे बैठा नही जाता ।

(d) राम से खाया नही जाता ।

उत्तर – ( C )

मुंशी प्रेमचंद ने गोदान के रचना की।

(a) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता
कारक

(b) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म
कारक

(c) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता
कारक

(d) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म
कारक

उत्तर – (c)

संतोष नित्य दौड़ने जाती है।

(a) गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘दौड़ने
जाता है क्रिया की विशेषता

(b) रीतिवाचक क्रिया विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग,
‘दौड़ने जाता है। क्रिया की विशेषता

(c) अव्यय, स्थानवाचक क्रिया विशेषण, ‘दौड़ने
जाती है क्रिया की विशेषता

(d) अव्यय, कालवाचक क्रिया विशेषण, ‘दौड़ने जाती
है क्रिया की विशेषता

उत्तर – ((d)

बागो में फूल खिलते हैं।

(a) सकर्मक क्रिया, बहुवचन, पुल्लिंग, वर्तमान
काल, कर्तृ वाच्य

(b) अकर्मक क्रिया, बहुवचन, पुल्लिंग, वर्तमान
काल, कर्तृ वाच्य

(c) सकर्मक क्रिया, एकवचन, पुल्लिंग, वर्तमान
काल, कर्तृवाच्य

(d) अकर्मक क्रिया, एकवचन, स्त्रीलिंग, वर्तमान
काल, कर्तृवाच्य

उत्तर – (b)

‘लाल गुलाब देखकर मन खुश हो गया।’-
रेखांकित पद का परिचय है –

(a) संख्यावाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग,
‘गुलाब विशेष्य का विशेष

(b) गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, ‘गुलाब
विशेष्य का विशेष

(c) परिमाणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग,
‘गुलाब विशेष्य का विशेष

(d) गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, स्त्रीलिंग, ‘गुलाब
विशेष्य का विशेष

उत्तर – (b)

राधिका ने आपको बुलाया है।

(a) प्रथम पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन,
कर्म कारक

(b) निजवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग/स्त्रीलिंग,
एकवचन, कर्ता कारक

(c) मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम, स्त्रीलिंग/पुल्लिंग,
एकवचन, कर्म कारक

(d) उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम, स्त्रीलिंग/पुल्लिंग,
एकवचन, कर्म कारक

उत्तर – (c)

रिया पटना जा रही है।

(a) जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्म
कारक

(b) व्यक्तिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता
कारक

(c) भाववाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, करण
कारक

(d) भाववाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्म
कारक

उत्तर – (b)

राखी से मैं कल यहीं मिला था।

(a) क्रिया, अकर्मक, पूर्ण भूतकाल, पुल्लिंग
एकवचन, कर्तृवाच्य

(b) क्रिया, सकर्मक, पूर्ण भविष्यत काल, पुल्लिंग
एकवचन, कर्मवाच्य

(c) क्रिया, अकर्मक, वर्तमान काल, स्त्रीलिंग
एकवचन, कर्म वाच्य

(d) क्रिया, अकर्मक, भूतकाल, पुल्लिंग, बहुवचन,
भाववाच्य

उत्तर – (a)

राकेश आठवीं कक्षा में पढ़ता है।

(a) विशेषण, संख्यावाचक, आवृत्तिसूचक, स्त्रीलिंग,
एकवचन, कक्षा’ विशेष्य

(b) विशेषण, परिमाणवाचक, क्रमसूचक, स्त्रीलिंग,
एकवचन, कक्षा’ विशेष्य

(c) विशेषण, संख्यावाचक, क्रमसूचक, स्त्रीलिंग,
एकवचन, कक्षा’ विशेष्य

(d) विशेषण, निश्चयवाचक, क्रमसूचक, स्त्रीलिंग,
एकवचन, ‘कक्षा’ विशेष्य

उत्तर – (c)

बिल्ली गाडी के नीचे बैठी हैं।

(a) अव्यय, संबंधबोधक, ‘गाडी से संबंध

(b) अव्यय, योजक

(c) अव्यय, योजक, बिल्ली और गाडी को जोड़ रहा
है

(d) अव्यय, क्रिया विशेषण

उत्तर – (a)

अभिषेक किसे देख रहा है?

(a) सर्वनाम, स्त्रीलिंग, बहुवचन, कर्म कारक

(b) सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, करण कारक

(c) सर्वनाम, पुल्लिंग, प्रश्नवाचक, कर्ताकारक

(d) सर्वनाम, प्रश्नवाचक, एकवचन, कर्म कारक

उत्तर – (d)

Class 10 Hindi MCQ For Term 1 Expected Question

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FAQs on CBSE Class 10 Hindi MCQ For Term 1 Questions With Answers

Is Hindi in Class 11 simplest?

Hindi can be a simple or difficult language to master, depending on how often you use it. CBSE Class 11 Science students might do well in the Hindi exam if they have enough practise writing responses.

What is the content of Hindi Class 10?

The two divisions of CBSE Class 10 Hindi are Hindi A and Hindi B. The Hindi Course – A is all about literature, with a concentration on Hindi prose and poetry in particular. Students who want to strengthen their language skills can study on the Hindi Course – B, which is all about Hindi acuity.

Is Hindi a required subject in eleventh grade?

The CBSE does not require Hindi in 11th and 12th grade.

In Class 10, how many Hindi books are there?

There are four Hindi books in Class 10.

Which 11th-grade course is the most straightforward?

Physical Education is taught in 11th grade.

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