Correct option is B
परिचय
श्लिष्ट-योगात्मक भाषाएँ (Agglutinative languages) वे भाषाएँ होती हैं जिनमें शब्दों का निर्माण करने के लिए मूल शब्द में विभिन्न प्रत्यय (suffixes) या उपसर्ग (prefixes) जोड़े जाते हैं, और प्रत्येक प्रत्यय का एक निश्चित व्याकरणिक अर्थ होता है जो स्पष्ट रूप से पहचाना जा सकता है।
व्याख्या
तुर्की-भाषा (Turkish language) एक प्रमुख श्लिष्ट-योगात्मक भाषा का उदाहरण है। इसमें शब्दों में प्रत्ययों को जोड़कर व्याकरणिक संबंध और अर्थ व्यक्त किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, "ev" (घर) से "evler" (घर) ओर "evlerde" (घरों में) बनता है, जहाँ प्रत्येक प्रत्यय का अपना अलग अर्थ होता है।
रोचक तथ्य
· लैटिन-भाषा (Latin language) और ग्रीक भाषा (Greek language) स्लिष्ट-योगात्मक नहीं, बल्कि मुख्य रूप से विभक्तिप्रधान (inflectional) भाषाएँ हैं, जहाँ शब्दों के अंत में परिवर्तन (inflections) करके व्याकरणिक कार्य दर्शाए जाते हैं, लेकिन प्रत्ययों का अर्थ उतना स्पष्ट रूप से अलग नहीं होता जितना क्लिष्ट योगामक भाषाओं में होता है।
· रूसी-भाषा (Russian language) भी एक विभक्तिप्रधान भाषा है, जिसमें संज्ञाओं, विशेषणों और सर्वनामों में विभित्र निभकों का प्रयोग किया जाता है।