Correct option is C
Correct Option: (c) D, B, A, C, E
INTRODUCTION
'भोलाराम का जीव' हरिशंकर परसाई द्वारा रचित एक प्रसिद्ध व्यंग्य रचना है। इसमें भष्टाचार, नौकरशाही की लालफीताशाही और रिश्वतखोरी के जाल में फंसे आम आदमी की लाचारी का तीखा व्यंग्यात्मक चित्रण किया गया है।
INFORMATION BOOSTER
कहानी के घटनाक्रम का सही क्रम:
1. (D) नारद जी का भोलाराम की पत्नी से बातचीत के दौरान सोचना कि मकान मालिक ने उसके परिवार को निकाल दिया होगा।
2. (B) भोलाराम की पत्नी द्वारा नारद को बताना कि भोलाराम दस-पंद्रह दिन में दरख्वास्त देते थे।
3. (A) पत्नी का भोलाराम के चरित्र के बारे में नारद को बताना कि उसने किसी दूसरी स्त्री को नहीं देखा।
4. (C) नारद जी का कहना कि मेरा यहाँ कोई मठ तो है नहीं, फिर भी सरकारी दफ्तर जाऊँगा।
5. (E) दफ्तर के साधु/अधिकारी द्वारा नारद जी को पेंशन प्रक्रिया में लगने वाली देर समझाना।
अतः सही क्रम D, B, A, C, E है।
ADDITIONAL KNOWLEDGE
हरिशंकर परसाई हिंदी के शीर्षस्थ व्यंग्यकार हैं। 'भोलाराम का जीव' व्यंग्य में दिखाया गया है कि भोलाराम की आत्मा स्वर्ग या नरक जाने के बजाय अपनी अटकी हुई पेंशन की फाइल में ही अटकी रह जाती है।