Correct option is C
Correct Option: (c) केवल A, C और E
INTRODUCTION
मोहन राकेश द्वारा रचित 'आधे अधूरे' (1969 ई.) समकालीन हिंदी नाट्य साहित्य की एक युगांतरकारी कृति है। इसमें मध्यमवर्गीय पारिवारिक विघटन, स्त्री-पुरुष संबंधों के तनाव और पूर्णता की खोज में उपजी असंतुष्टि का यथार्थवादी चित्रण किया गया है। नाटक की केंद्रीय पात्रा 'सावित्री' अपने पति महेंद्रनाथ की अक्षमता से असंतुष्ट होकर पूर्णता की तलाश में अन्य पुरुषों के संपर्क में आती है।
INFORMATION BOOSTER
नाटक में 'पुरुष चार' (जो जगमोहन की भूमिका निभाता है) के अनुसार सावित्री महेंद्रनाथ से अलग होने और जीवन में पूर्णता पाने के प्रयास में क्रमिक रूप से तीन पुरुषों के संपर्क में आई थी:
· शिवजीत (A): जिससे वह पहले जुड़ी थी।
· मनोज (E): जिसके संपर्क में वह बाद में आई।
· जगमोहन (C): जिसके पास वह अंत में आश्रय और पूर्णता की उम्मीद लेकर जाती है।
अतः सही उत्तर केवल A, C और E है।
ADDITIONAL KNOWLEDGE
'आधे अधूरे' को 'अपूर्ण पुरुषों का नाटक' भी कहा जाता है। इसमें एक ही पुरुष अभिनेता पाँच अलग-अलग भूमिकाएँ (काले कपड़ों वाला पुरुष, महेंद्रनाथ, सिंघानिया, जगमोहन और जुनेजा) निभाता है। यह प्रयोग दर्शाता है कि सावित्री के लिए सभी पुरुष मूलतः एक जैसे और 'आधे-अधूरे' ही सिद्ध होते हैं।