Correct option is B
Correct Option: (b) E, A, B, D, C
INTRODUCTION
मोहन राकेश के नाटक 'आधे अधूरे' में द्वितीय अंक के उत्तरार्द्ध में 'पुरुष चार' (जगमोहन) और सावित्री के बीच का संवाद अत्यंत तीखा और नाट्य-तनाव से भरा हुआ है। सावित्री जब जगमोहन के पास अपना घर छोड़कर आने और नया जीवन शुरू करने का प्रस्ताव रखती है, तब जगमोहन की प्रतिक्रियाएँ इस नाट्य-क्रम को निर्मित करती हैं।
INFORMATION BOOSTER
द्वितीय अंक में संवादों का क्रमिक प्रवाह:
1. E: "हाँ.... पर इस वक्त तुम ठीक मूड में नहीं हो..." (जगमोहन सावित्री को शांत करने का प्रयास करता है)।
2. A: "ज्यादा बात अब नहीं करना चाहता। सिर्फ एक ही बात कहना चाहता हूँ तुमसे।"
3. B: "तुम किसी तरह छुटकारा नहीं दे सकतीं उस आदमी को?"
4. D: "उल्टी बात नहीं है। तुमने जिस तरह बाँध रखा है उसे अपने साथ..."
5. C: "क्योंकि कोई जानता भी तो नहीं उतना जितना मैं जानता हूँ।"
अतः सही संवाद क्रम E, A, B, D, C है।
ADDITIONAL KNOWLEDGE
जगमोहन सावित्री को शरण देने से कतराता है क्योंकि वह व्यावहारिक और स्वार्थी है। वह सावित्री की पीड़ा को गहराई से समझने का दावा तो करता है, लेकिन उसकी जिम्मेदारी उठाने से पीछे हट जाता है।