Correct option is A
Correct Option: (a) A-II, B-IV, C-III, D-I
INTRODUCTION
हिंदी साहित्य के आदिकाल में अपभ्रंश, सिद्ध, जैन और मैथिली साहित्य की समृद्ध काव्य-परंपरा मिलती है। इन कवियों की भाषा और काव्य-पंक्तियां हिंदी भाषा के आरंभिक रूप को समझने के लिए अत्यंत प्रामाणिक स्रोत हैं।
INFORMATION BOOSTER
सही मिलान इस प्रकार है:
· A. देवसेन: "जो जिण सासण भाषियउ सो मइ कहियउ सारु।" (II) - यह पंक्ति उनके प्रसिद्ध जैन ग्रंथ 'श्रावकाचार' की है।
· B. सरहपाद: "पंडिअ सअल सत्त बक्खाणइ। देहहि रूद्ध बसंत न जाणइ।।" (IV) - सिद्ध साहित्य की प्रसिद्ध पंक्ति।
· C. हेमचंद्र: "भल्ला हुआ जु मारिया बहिणि महारा कंतु।" (III) - उनके प्रसिद्ध व्याकरण ग्रंथ 'सिद्धहेमचंद्र शब्दानुशासन' का दोहा।
· D. विद्यापति: "रज्ज लुद्ध असलान बुद्धि बिक्कम बले हारल।" (I) - 'कीर्तिलता' से उद्धृत पंक्ति।
ADDITIONAL KNOWLEDGE
देवसेन की रचना 'श्रावकाचार' (933 ई.) को हिंदी की प्रथम गद्य/काव्य रचना माना जाता है। सरहपाद को हिंदी का प्रथम कवि स्वीकार किया जाता है (राहुल सांकृत्यायन के अनुसार)।