Correct option is A
Correct Option: (a) बैताल और घाघ
INTRODUCTION
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने 'हिंदी साहित्य का इतिहास' (1929 ई.) में रीतिकाल और लोक-साहित्य के अंतर्गत अनेक नीति कवियों और लोक-कवियों का निरूपण किया है। व्यावहारिक जीवन के अनुभवों को सारगर्भित पंक्तियों में प्रस्तुत करने वाले कवियों को 'सूक्तिकार' कहा जाता है।
INFORMATION BOOSTER
शुक्ल जी के अनुसार, 'बैताल' (विक्रम-बैताल कथा से इतर नीति-कवि) और 'घाघ' (मौसम व कृषि संबंधी कहावतों के प्रसिद्ध लोक-कवि) को हिंदी साहित्य के उत्कृष्ट सूक्तिकार के रूप में स्वीकार किया गया है। घाघ की कहावतें ग्रामीण भारत के जनजीवन और कृषि ज्ञान में आज भी प्रासंगिक हैं।
ADDITIONAL KNOWLEDGE
घाघ के साथ 'भड्डरी' का नाम भी लोक-सूक्तियों के लिए लिया जाता है। बैताल ने कुंडलिया छंद में नीतिपरक रचनाएं कीं। इन कवियों की भाषा सहज, व्यावहारिक और जनसामान्य के अनुभवों से सीधे जुड़ी हुई है।