Correct option is B
Correct Option: (b) महावीर प्रसाद द्विवेदी
INTRODUCTION
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी (1864-1938 ई.) हिंदी साहित्य के नवजागरण काल (द्विवेदी युग) के कर्णधार और मार्गदर्शक थे। 'सरस्वती' पत्रिका के संपादन (1903-1920 ई.) के माध्यम से उन्होंने हिंदी भाषा का परिमार्जन किया तथा साहित्य को समाज सुधार और राष्ट्रीय चेतना का साधन बनाया।
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आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने साहित्य की अपार क्षमता और सामाजिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए यह प्रसिद्ध कथन कहा था। उनका मानना था कि भौतिक अस्त्र-शस्त्र केवल शरीर को हानि पहुँचा सकते हैं, परंतु साहित्य मनुष्य के विचारों, चेतना और आत्मा को झकझोर कर युग-परिवर्तन लाने की शक्ति रखता है।
ADDITIONAL KNOWLEDGE
द्विवेदी जी ने साहित्य की परिभाषा देते हुए यह भी लिखा है कि "ज्ञान-राशि के संचित कोश का नाम साहित्य है।" उन्होंने कवियों को केवल श्रृंगार वर्णन से हटकर राष्ट्रीयता, प्रकृति और जन-सरोकारों पर लिखने के लिए प्रेरित किया।