Correct option is A
परिचय
ऋग्वेद की व्याख्या पद्धतियां का सही कालानुक्रम निधर्धारित करना एक महत्वपूर्ण वादक अध्ययन का विषय है, जो विभिन्न आचार्यों के योगदान को समझने में सहायक है।
व्याख्या
सही विकल्प (a) 1. B, A, C, D
· उद्गीथ (B): उद्गीथ सबसे प्राचीन ऋग्वेद भाष्यकारों में से एक माने जाते हैं, जिनका समय सायणाचार्य से काफी पहले का है।
· वेङ्कटमाधव(A): वेङ्कटमाधव का समय उद्गीथ के बाद आता है। उन्होंने भी ऋग्वेद पर भाष्य लिखा है।
· भट्टगोविन्द (C): भट्टगोविन्द का काल वेङ्कटमाधव के बाद आता है।
· सायणाचार्य (D): सायणाचार्य का भाष्य ऋग्वेद के सभी भाष्यों में सर्वाधिक प्रसिद्ध और विस्तृत है, जिनका समय 14वीं शताब्दी के आसपास का है और वे इन सभी में सबसे बाद के हैं।
रोचक तथ्य
· सायणाचार्य का ऋग्वेद भाष्य 'माधवीय वेदार्थप्रकाश' के नाम से जाना जाता है और यह आज भी वैदिक अध्ययनों में एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है।
· इन विभिन्न व्याख्या पद्धतियों का अध्ययन हमें ऋग्वेद के अर्थों की गहराई और विविधता को समझने में मदद करता है, क्योंकि प्रत्येक आचार्य ने अपनी दृष्टि और परंपरा के अनुसार व्याख्या प्रस्तुत की है।