Correct option is C
परिचय
यह प्रश्न भारतीय दर्शनशास्त्न के प्रमुख आचार्यों के कालक्रम से संबंधित है, जो उनके ऐतिहासिक महत्व और दार्शनिक योगदान को समझने के लिए आवश्यक है।
व्याख्या
दिए गए आचार्यों का सही कालक्रमानुसार विकल्प है:
(A) वात्स्यायनः,
(D) उद्योतकरः,
(C) उदयनाचार्यः,
(B) जयन्तभट्टः।
- वात्स्यायनः ये न्यायसूत्र पर भाष्य लिखने वाले प्रथम आचार्य हैं, जिनका काल सामान्यतः चौथी शताब्दी ईस्वी माना जाता है। उन्होंने 'न्यायभाष्य' की रचना की।
- उद्योतकरः ये न्याय दर्शन के एक प्रमुख आचार्य थे, जिन्होंने वात्स्यायन के न्यायभाष्य पर प्न्यायवार्तिक' नामक टीका लिखी। इनका काल सातवीं शताब्दी ईस्वी के आसपास माना जाता है।
- उदयनाचार्य: ये न्याय दर्शन के प्रसिद्ध आचार्य हैं, जिन्होंने 'न्यायकुसुमांजलि', 'आत्मतत्त्वविवेक' आदि ग्रंथों की रचना की। इनका काल दसवीं शताब्दी ईस्वी के अंत और ग्यारहवीं शताब्दी ईस्वी की शुरुआत में माना जाता है। इन्होंने न्याय-वैशेषिक दर्शन को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया और ईश्वर की सिद्धि के लिए तर्क दिए। इन्हें 'ईश्वरवादी' आचार्य के रूप में भी जाना जाता है।
- जयन्तभट्टः ये भी न्याय दर्शन के महत्वपूर्ण आचार्य हैं, जिन्होंने 'न्यायमंजरी' नामक ग्रंथ लिखा। इन्होंने 'न्यायमंजरी' में न्याय दर्शन के सिद्धांतों का विस्तृत विवेचन किया और पूर्वपक्षों का खंडन भी किया। वे कश्मीर के निवासी थे।