Correct option is B
परिचय
भारतीय काव्यशास्त्र में विभिन्न सम्प्रदाय काव्य के भिन्न-भिन्न तत्वों को प्रधानता देते हुए विकसित हुए हैं।
व्याख्या
सही विकल्प (b) है: D, C, A, B
· D. रससम्प्रदायः -यह सबसे प्राचीन सम्प्रदाय है, जिसके प्रवर्तक भरतमुनि हैं। इसका प्रमुख ग्रंथ नाट्यशास्ल है। यह काव्य में रस को आत्मा मानता है।
· C. अलङ्कारसम्प्रदायः - इसके प्रमुख आचार्य भामह ओर दण्डी हैं। यह रस के बाद विकसित हुआ और काव्य में अलंकारों को प्रमुख स्थान देता है।
· A. ध्वनिसम्प्रदायः -इसके प्रवर्तक आचार्य आनन्दवर्णन हैं। यह काव्य में ध्वनि (व्यंग्यार्थ) को सर्वाधिक महत्व देता है।
· B. वक्रोक्तिसम्प्रदायः -इसके प्रवर्तक आचार्य कुन्तक हैं। यह काव्य में वक्रोक्ति (काव्य को विशिष्ट भंगिमा से प्रस्तुत करना) को काव्य की आत्मा मानता है। यह ध्वनिसमादाय के बाद आया।