Online Tution   »   CBSE Term 2 Exam   »   CBSE Class 12th Hindi Term 2...

CBSE Class 12th Hindi Term 2 Answer Key 2022

Answer Key of Hindi Class 12 Term 2

CBSE Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022: Central Board of Secondary Education is all set to conduct CBSE Class 12 Hindi Term 2 Examination on the 2nd of May 2022, Monday. The CBSE Class 12 Hindi Term 2 Examination 2022 will be held between 10:30 am to 12:30 pm. After completion of the CBSE Class 12 Hindi Term 2 Examination 2022, the students will rush to find the  CBSE Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022. To aid students we are providing the unofficial  CBSE Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022 prepared by experienced faculties of Adda247. Bookmark this page to get all the latest updates from the Central Board of Secondary Education. 

Check Here: CBSE Class 10 and 12 Sample Papers for Term 2 Exam 2022

CBSE Class 12th Answer key Hindi Term 2

Here we have provided the miscellaneous information regarding CBSE Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022. The students appearing in the CBSE Class 12 Term 2 Exam 2022 must check the information given below in the table: 

Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022
Exam Conducting Body Central Board of Secondary Education
Exam & Subject Name CBSE Class 12 Hindi
Category Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022
Exam Date 2nd May 2022
Unofficial Answer Key 2nd May 2022
Official Answer Key To be notified
Official Website https://www.cbse.nic.in/

Check Now: CBSE Class 12 Term 2 Datesheet 2022

Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022: Pattern

As per the CBSE Class 12 Term 2 Sample Paper released by the Central Board of Secondary Education, the CBSE Class 12 Hindi Term 2 question paper consists of 7 questions. There is no external choice in questions, the students have to answer all the questions. The students will get 2 hours to complete the CBSE Class 12 Hindi Term 2 question paper and the CBSE Class 12 Term 2 Hindi question paper consists of 40 marks. 

Class 12 Hindi Question Paper 2022

Class 12 Hindi Term 2 Answer Key – Hindi Answer Key 2022 – Class 12 Hindi Paper Solution 2022

Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022: Paper Code – 2/4/2

Ans 1: Write 150-200 words, pick any one of the topics and write some effective points on the chosen topic.

Mera Pyara Bharat: हमारा देश भारत संसार का सर्वश्रेष्ठ देश है। यह एक बहुत ही प्राचीन देश है। यह देश अपनी भौगोलिक, सांस्कृतिक व प्राकृतिक विभिम्नताओं के कारण विश्वभर में अनूठा है। पहले इसका नाम आर्यावर्त था। मुगलों ने इसका नाम हिंदुस्तान और अंग्रेज़ों ने इंडिया रखा। यहाँ के निवासी आर्य कहलाते थे। महा प्रतापी राजा दुष्यंत के पुत्र भरत से इसका नाम भारत पड़ी।

इसके उत्तर में हिमालय, दक्षिण में हिंद महासागर, पूर्व में बंगलादेश तथा वर्मा है। पश्चिम में पाकिस्तान तथा अरब सागर है। इसके पड़ोसी देशों में नेपाल, बंगलादेश, चीन, वर्मा, श्रीलंका आदि हैं। जनसंख्या की दृष्टि से भारत विश्व का दूसरे नंबर का देश है। इसकी जनसंख्या एक अरब तीस करोड़ हैं।

संसार के जितने मौसम होते हैं वे सब हमारे देश में देखने को मिलते हैं। सरदी, गरमी, बरसात सभी तरह के यहाँ मौसम होते हैं। यहाँ का धरातल पहाड़ी, समतल, रेतीला सभी प्रकार का है। यहाँ सालों भर बहने वाली नदियाँ गंगा, यमुना, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियाँ यहाँ की पुण्यभूमि को सींचती हैं।

यहाँ अनेक धर्म, जाति और संप्रदायों के लोग आपस में प्रेम से रहते हैं। यहाँ अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं। तथा हर प्रांत के अलग-अलग त्योहार व उत्सव मनाए जाते हैं।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इस देश ने शिक्षा, उद्योग, कला-कौशल, निर्माण कार्य, प्रशासन आदि सभी क्षेत्रों में काफ़ी उन्नति की है। हमारे देश के नागरिकों को जीवन स्तर ऊँचा उठा है। विश्व में बहुत आदर की दृष्टि से देखा जाता है।

यहाँ वास्तुकला, शिल्पकला, हस्तकला के उत्कृष्ट नमूने देखने को मिलते हैं। ऐतिहासिक इमारतों में ताजमहल, कुतुबमीनार, कोणार्क का सूर्य मंदिर, अजंता ऐलोरा की गुफाएँ आदि विश्व के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।

सचमुच हमारा देश भारत संसार का सर्वश्रेष्ठ देश है। शायद इसलिए कवि इकबाल ने कहा था कि- ‘सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्ताँ हमारा।

Aasman Mein Indradhanush:

प्रकृति की सुंदरता के अनेक रूप हैं। उनमें से रंगबिरंगा इंद्रधनुष एक है। इंद्रधनुष तो आमतौर पर सभी लोगों ने देखा होगा। जो अक्सर हमें बरसात के मौसम में आसमान में स्पष्ट दिखाई देता है और सात रंगों का बना हुआ होता है। इंद्रधनुष को अंग्रेजी में “Rainbow” कहते हैं।

आसमान में संध्या समय पूर्व दिशा में और प्रातःकाल पश्चिम दिशा में सात रंगों का एक विशालकाय वृत्ताकार चक्र दिखाई देता है, जिसे इंद्रधनुष कहते है, जो एक प्राकृतिक घटना है। इस घटना में जब आसमान में वर्षा की छोटी-छोटी बूंदे रह जाती हैं और सूर्य किरण इन छोटी-छोटी बूंदों से होकर गुजरता है, तो प्रकाश अपने सात रंगों में विभक्त हो जाता है तथा एक अर्धचन्द्राकार रंगों का आकार ग्रहण कर लेता है जिसे आमतौर पर लोग इंद्रधनुष के नाम से जानते हैं।

इंद्रधनुष वर्षा ऋतु में दिखाई देता है। इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं जैसे लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, भूरा और जामुनी। ये रंग सूर्य की किरणों में होते हैं। वर्षा ऋतु में ये किरणें बादलों पर तिरछी पड़ती हैं। तब ये रंग पट्टे के रूप में आकाश में बिखर जाते हैं। इस पट्टे का आकार धनुष जैसा होता है। वर्षा के देवता इंद्र माने जाते हैं। इसलिए सात रंग के इस पट्टे को ‘इंद्रधनुष’ कहते हैं। यह देखने में बड़ा सुंदर लगता है।

अक्सर बरसात के मौसम में जब बरसात के पहले या बाद में काले-काले बादल छाए रहते हैं या बरसात रिमझिम प्रकृति की होती और धूप निकलती है, तब अक्सर इंद्रधनुष दिखाई देता है। स्कूल के छात्र इंद्रधनुष के रंगों को याद करने के लिए अंग्रेजी में VIBGYOR (V – Violet, I – Indigo, B – Blue, G – Green, Y – Yellow, O – Orange, R- Red) शब्द का उपयोग भी करते हैं।

जो सात रंगों में विभक्त रहता है और इन रंगों के बारे में अलग-अलग धारणाएं हैं। ये रंग हमारे शरीर में स्वास्थ्य संतुलन बनाये रखते है, हमारी सोच को नई दिशा व ऊर्जा प्रदान करते है।

Ati Kisi Chiz ki Acchi Nahi: 

संस्कृत का बहुत प्रसिद्ध लघु सूत्र है “अति सर्वत्र वर्जयेत्” जिसका हिंदी शब्दार्थ है कि “अति करने से हमेशा बचना चाहिए”, अति का परिणाम हमेशा हानिकारक होता है, और आज ये सूक्ति सटीक “उत्तराखंड” पर चरितार्थ होती है. प्रकृति के साथ हमने जो “अति” किया और कर रहे हैं, उसका परिणाम आज  उतराखंड के लोग भुगत रहे हैं और अगर समय रहते ना चेते तो आगे भी भुगतते रहेंगे. वास्तव में अति किसी भी चीज की अच्छी नही होती। इस सूत्र की जांच-परख  हम स्वयं अपने घरों में बैठकर कर सकते हैं, कहीं दूर जाने की आवश्यकता नही। गुड़ की एक छोटी सी ढेली का स्वाद सबको अच्छा लगता है लेकिन उसी गुड़  के एक छोटे से टुकड़े को बड़े टुकड़े में बदल कर उसका रस-पान किया जाय तो वही शरीर में विकार उत्पन करता है। एक गुब्बारे में अगर हम उसकी क्षमता से ज्यादा हवा भरने की कोशिश करेंगे तो परिणाम कोई  सुखद नही मिलेगा बल्कि दुःख देने वाला ही मिलेगा। उत्तराखंड भी आज इसी “अति” का शिकार हो रहा है। प्रकृति के साथ बिना किसी ठोस और दूरदर्शी नीति के साथ जो जबरदस्ती की जा रही है, प्रकति भी उसकी प्रतिक्रिया किसी दूसरे रूप में हमें वापिस कर रही है। आज उत्तराखंड जो इस प्राकृतिक आपदा का दंश झेल रहा है वह इसी “अति” का कुपरिणाम है। हमारे नीति नियंताओं को ये सोचना होगा। बुजुर्गों और प्राचीन ऋषि मुनि विद्वानों ने जो बातें कहीं है वो केवल टाइम पास के लिए नहीं कहीं हैं, उनमे यथार्थ है, मानव कल्याण की बात निहित है और सबसे बड़ी बात इस  श्रीश्ठी का हित निहित है। इसको नजर अंदाज नही किया जा सकता है।

Ans 2: 

सेवा में ,
प्रधानाचार्य महोदय
दुन पब्लिक स्कूल।

विषय– कवि सम्मेलन आयोजित करने हेतु।

महोदय,

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि गणतंत्र दिवस दो हफ्ते बाद आने वाला है। हम हर वर्ष इस दिन को साधारण तौर पर मनाकर छोड़ देते हैं। इस बार इस दिवस को हम रोचक कर सकते हैं।

हम इस दिन एक कवि सम्मेलन कर सकते हैं। जहां पर हर कक्षा के छात्र भाग ले सकते हैं। सभी भाग लेने वाले बच्चे को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इस तरह का आयोजन भी कर सकते हैं।

यदि आपको मेरा सुझाव पसंद आया है तो कृपया इस दिवस को इस तरह पालन पूरी स्कूल द्वारा करवाए।

धन्यवाद।

सोहम कक्षा
12 वीं अ

Ans 3(i): (ख)

रेडियो नाटक में ध्वनि प्रभावों और संवादों का विशेष महत्त्व है जो इस प्रकार हैं-

1. रेडियो नाटक में पात्रों से संबंधित सभी जानकारियाँ संवादों के माध्यम से मिलती हैं।

2. पात्रों की चारित्रिक विशेषताएँ संवादों के द्वारा ही उजागर होती हैं।

3. नाटक का पूरा कथानक संवादों पर ही आधारित होता है।

4. इसमें ध्वनि प्रभावों और संवादों के माध्यम से ही कथा को श्रोताओं तक पहुँचाया जाता है।

5. संवादों के माध्यम से ही रेडियो नाटक का उद्देश्य स्पष्ट होता है।

6. संवादों के द्वारा ही श्रोताओं को संदेश दिया जाता है।

Ans 3(ii)(क) : रेडियो नाटक की अवधि छोटी इसलिए रखी जाती है, क्योंकि रेडियो पूरी तरह से श्रव्य माध्यम है। रेडियो नाटक का लेखन सिनेमा व रंगमंच के लेखन से थोड़ा भिन्न तथा मुश्किल भी होता है। इसमें संवादों को ध्वनि प्रभावों के माध्यम से संप्रेषित करना होता है। यहाँ न तो मंज सज्जा, वस्त्र सज्जा होती है और न ही अभिनेता के चेहरे की भाव भंगिमा। केवल आवाज के माध्यम से ही नाटक को प्रस्तुत किया जाता है। इसमें मनुष्य की एकाग्रता सीमित होती है।

Ans 3(ii) (ख): 
उत्तर-कहानी अथवा कथानक का नाट्य रूपांतरण करते समय निम्नलिखित आवश्यक बातों का ध्यान रखना चाहिए-
1. कथानक के अनुसार ही दृश्य दिखाए जाने चाहिए।
2. नाटक के दृश्य बनाने से पहले उसका खाका तैयार करना चाहिए।
3. नाटकीय संवादों का कहानी के मूल संवादों के साथ मेल होना चाहिए।
4. कहानी के संवादों को नाट्य रूपांतरण में एक निश्चित स्थान मिलना चाहिए।
5. संवाद सहज, सरल, संक्षिप्त, सटीक, प्रभावशैली और बोलचाल की भाषा में होने चाहिए।
6. संवाद अधिक लंबे और ऊबाऊ नहीं होने चाहिए।

CBSE Class 12th Term 2 Hindi Answer Key 2022: FAQs

Q. Where can I get the Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022?

On this page, you’ll find the Class 12 Hindi Term 2 Answer Key 2022, check your responses with the answer key, and calculate your marks. 

Q. How many marks does the Term 2 Hindi examination in Class 12th carry?

The Class 12th Hindi Term 2 examination carries 40 marks.

Q. Does the CBSE publish an official Answer Key for the Class 12th Term 2 Hindi exam?

No, the CBSE has not yet notified us when the official answer key for Term 2 of Class 12 Hindi would be accessible.

Q. When will the CBSE hold the Term 2 Hindi paper for students in Class 12th?

CBSE will hold the Class 12th Hindi Paper for Term 2 on the 2nd of May 2022, Monday. 

 

Sharing is caring!

Thank You, Your details have been submitted we will get back to you.
Was this page helpful?

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *