Correct option is D
सही उत्तर: (d) उत्प्रेक्षा
विस्तृत उत्तर:
दूसरी पंक्ति में 'झुके कूल सों जल परसन हित मनहुँ सुहाये' में 'मनहुँ' शब्द का प्रयोग हुआ है, जिसका अर्थ है 'मानो'। यहाँ कल्पना की गई है कि तट (कूल) जल को स्पर्श करने के लिए झुक रहे हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि तट जल को स्पर्श करने के लिए उत्सुक हैं। इस प्रकार की कल्पना और 'मनहुँ' जैसे शब्दों का प्रयोग उत्प्रेक्षा अलंकार का सूचक है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
अनुप्रास: समान वर्ण या ध्वनि की पुनरावृत्ति होती है, जो इस पंक्ति में प्रमुख नहीं है।
रूपक: उपमेय और उपमान में अभेद स्थापित किया जाता है, जो यहाँ नहीं है।
यमक: एक ही शब्द के विभिन्न अर्थों में पुनरावृत्ति होती है, जो इस पंक्ति में नहीं है।
अतः, इस कविता की दूसरी पंक्ति में उत्प्रेक्षा अलंकार है।