Correct option is A
सही उत्तर: (a) 5
अनुप्रास अलंकार का मुख्य आधार वर्णों (स्वरों या व्यंजनों) की पुनरावृत्ति है। यह अलंकार साहित्य में ध्वनि की सुंदरता बढ़ाने के लिए प्रयोग होता है।
अनुप्रास अलंकार के पाँच भेद निम्नलिखित हैं:
छेकानुप्रास अलंकार:
जब एक ही प्रकार के वर्ण या शब्द की बार-बार पुनरावृत्ति हो, जिससे वाक्य में लय और आकर्षण पैदा हो।
उदाहरण: "पपीहा पी-पी कहता।"वृत्यनुप्रास अलंकार:
जब एक ही वर्ण या शब्द बार-बार वाक्य की क्रमिक अवस्थाओं में आता है।
उदाहरण: "सत्य ही सच्चा साधन है।"लाटानुप्रास अलंकार:
जब पंक्ति या वाक्य में ध्वनि की पुनरावृत्ति लयात्मकता उत्पन्न करती है।
उदाहरण: "राजे राम-राम रटते।"अनन्त्यानुप्रास अलंकार:
जब पंक्ति के अंत में एक ही वर्ण या ध्वनि की पुनरावृत्ति होती है।
उदाहरण: "फूल खिले, खुशबू मिले।"श्रुत्यानुप्रास अलंकार:
जब वाक्य में ध्वनि या श्रवण में समानता का आभास हो।
उदाहरण: "सागर की गहराई में सपने समा जाते।"