Correct option is D
सही उत्तर: (d) नि: + चल
व्याख्या:
'निश्चल' का संधि-विच्छेद नि: + चल है।
· इसमें नि: उपसर्ग का अर्थ है "बिना" या "अभाव।"
· चल का अर्थ है "गतिशील।"
· 'नि: + चल' के मेल से विसर्ग संधि के कारण यह शब्द 'निश्चल' बनता है।
· इसका अर्थ है "अचल," "जो हिले-डुले नहीं।"
विसर्ग संधि के नियम:
1. नि: के बाद जब कोई स्वर या व्यंजन 'च', 'छ', या 'श' हो, तो विसर्ग ('ः') का 'श' में परिवर्तन हो जाता है।
· उदाहरण: नि: + चल = निश्चल।
2. यदि विसर्ग के पहले स्वर और बाद में उपरोक्त वर्ण हों, तो यह परिवर्तन स्वाभाविक है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
व्याख्या:
'निश्चल' का संधि-विच्छेद नि: + चल है।
· इसमें नि: उपसर्ग का अर्थ है "बिना" या "अभाव।"
· चल का अर्थ है "गतिशील।"
· 'नि: + चल' के मेल से विसर्ग संधि के कारण यह शब्द 'निश्चल' बनता है।
· इसका अर्थ है "अचल," "जो हिले-डुले नहीं।"
विसर्ग संधि के नियम:
1. नि: के बाद जब कोई स्वर या व्यंजन 'च', 'छ', या 'श' हो, तो विसर्ग ('ः') का 'श' में परिवर्तन हो जाता है।
· उदाहरण: नि: + चल = निश्चल।
2. यदि विसर्ग के पहले स्वर और बाद में उपरोक्त वर्ण हों, तो यह परिवर्तन स्वाभाविक है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | संधि-विच्छेद | सही या गलत | स्पष्टीकरण |
A | नी: + चल | गलत | 'नी:' का अर्थ "नीचे" होता है, जो 'नि:' से भिन्न है। यह संधि गलत है। |
B | निश् + चल | गलत | 'निश्' का प्रयोग विसर्ग संधि के नियमों के अनुसार नहीं है। |
C | निस् + चल | गलत | 'निस्' का उपयोग भी संधि-विच्छेद के नियमों के अनुसार नहीं है। |
D | नि: + चल | सही | यह सही उत्तर है। 'नि:' का 'ह:' ध्वनि 'श' में बदलकर 'निश्चल' बनता है। |
उदाहरण:
· नि: + कर्म = निष्कर्म।
· नि: + कलंक = निष्कलंक।
· नि: + यत्न = निःश्रम।
· नि: + चल = निश्चल।
सूचना बूस्टर:
● नि: का उपयोग उपसर्ग के रूप में किया जाता है, जिसका अर्थ है "बिना" या "अभाव।"
· नि: + कर्म = निष्कर्म।
· नि: + कलंक = निष्कलंक।
· नि: + यत्न = निःश्रम।
· नि: + चल = निश्चल।
सूचना बूस्टर:
● नि: का उपयोग उपसर्ग के रूप में किया जाता है, जिसका अर्थ है "बिना" या "अभाव।"
● विसर्ग संधि:
· विसर्ग के बाद 'च,' 'छ,' 'श' आने पर 'ह' का 'श' में परिवर्तन होता है।
· उदाहरण: नि: + चल = निश्चल।
उदाहरण वाक्य:
· "योगी निश्चल मन से ध्यान करते हैं।"
· "निश्चल भाव से काम करने वाला सफल होता है।"
· विसर्ग के बाद 'च,' 'छ,' 'श' आने पर 'ह' का 'श' में परिवर्तन होता है।
· उदाहरण: नि: + चल = निश्चल।
उदाहरण वाक्य:
· "योगी निश्चल मन से ध्यान करते हैं।"
· "निश्चल भाव से काम करने वाला सफल होता है।"