Correct option is A
सही उत्तर: (A) यथा + इष्ट
व्याख्या:
'यथेष्ट' का संधि-विच्छेद:
· "यथेष्ट" शब्द का संधि-विच्छेद
"यथा + इष्ट" होता है।
·
"यथा" (जैसा) और
"इष्ट" (इच्छित) के मेल से
"यथेष्ट" (जैसा चाहा हुआ, जैसे उचित हो) शब्द बनता है। यह
वर्ण संधि का उदाहरण है।
परिभाषा:
गुण संधि: यदि ‘अ’ या ‘आ’ के साथ इ/ई आए तो ‘ए’ , ऊ/ऊ आए तो ‘ओ’ , ‘ऋ’ आए तो ‘अर’ बनता है। इस प्रकार से बनने वाले शब्दों को गुण संधि कहा जाता है।
· जब अ,आ के साथ इ, ई हो तो “ए” बनता है
· जब अ,आ के साथ उ,ऊ हो तो “ओ” बनता है
· जब अ,आ के साथ ऋ हो तो” अर” बनता है
उदाहरण:
· नर+ इंद्र = नरेंद्र
· हेमा + इन्द्र = हेमेन्द्र
· नर + ईश = नरेश
विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प |
विश्लेषण |
संगत/असंगत |
| यथा + इष्ट |
"यथा" और "इष्ट" का मेल "यथेष्ट" बनाता है। यह संधि सही है। |
संगत |
| यथ + इष्ट |
"यथ" और "इष्ट" का मेल गलत है, सही रूप "यथा + इष्ट" है। |
असंगत |
| यथा + ईष्ट |
"यथा" और "ईष्ट" का मेल गलत है, सही रूप "यथा + इष्ट" है। |
असंगत |
| यथ + ईष्ट |
"यथ" और "ईष्ट" का मेल गलत है, सही रूप "यथा + इष्ट" है। |
असंगत |
संधि - दो शब्दों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है उसे संधि कहते हैं।
| संधि के प्रकार |
परिभाषा |
उदाहरण |
| स्वर |
स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण के मेल से विकार उत्पन्न होता है। |
विद्या +अर्थी =विद्यार्थी महा + ईश = महेश |
| व्यंजन |
एक व्यंजन से दूसरे व्यंजन या स्वर के मेल से विकार उत्पन्न होता है। |
अहम् + कार = अहंकार उत् + लास = उल्लास |
| विसर्ग |
विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से विकार उत्पन्न होता है। |
दुः + आत्मा = दुरात्मा निः + कपट = निष्कपट |
1. दीर्घ संधि
2. गुण संधि
3. वृद्धि संधि
4. यण् संधि
5. अयादि संधि
निष्कर्ष:
· 'यथेष्ट' का सही संधि-विच्छेद "यथा + इष्ट" है।
· इसलिए सही उत्तर: (A) यथा + इष्ट