Correct option is D
सही उत्तर: (D) पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा
व्याख्या:
·
पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा:
· संधि: "पितृ" और "आज्ञा" मिलकर "पित्राज्ञा" बनते हैं, यह
यण् संधि का उदाहरण है।
· पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा
· यह संधि सही है और शब्द भी सही है।
परिभाषा:
यण् संधि: यदि इ/ई, उ/ऊ और ऋ के बाद भिन्न स्वर आए तो इ/ई का ‘य’ उ/ऊ का ‘व’ और ऋ का ‘र’ हो जाता है। जब इ,ई के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ” य” बन जाता है जब उ,ऊ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो” व” बन जाता है जब ऋ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो” र ” बन जाता है
उदाहरण:
· इती+ आदि = इत्यादि
· अनु+अय = अनवय
· सु+ आगत = स्वागत
विकल्पों का विश्लेषण:
| विकल्प |
विश्लेषण |
संगत/असंगत |
| राम + ईश = रमेश |
"राम" और "ईश" मिलकर "रमेश" बनते हैं। यह संधि विच्छेद सही नहीं है। |
असंगत |
| उत्तर + अयन = उत्तरायन |
"उत्तर" और "अयन" मिलकर "उत्तरायन" बनते हैं। यह संधि सही नहीं है। |
असंगत |
| ध्वनि + अर्थ = ध्वन्यार्थ |
"ध्वनि" और "अर्थ" मिलकर "ध्वन्यार्थ" बनते हैं। यह संधि सही नहीं है। |
असंगत |
| पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा |
"पितृ" और "आज्ञा" मिलकर "पित्राज्ञा" बनते हैं। यह संधि सही है। |
संगत |
संधि - दो शब्दों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है उसे संधि कहते हैं।
| संधि के प्रकार |
परिभाषा |
उदाहरण |
| स्वर |
स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण के मेल से विकार उत्पन्न होता है। |
विद्या+अर्थी =विद्यार्थी महा+ईश = महेश |
| व्यंजन |
एक व्यंजन से दूसरे व्यंजन या स्वर के मेल से विकार उत्पन्न होता है। |
अहम्+कार=अहंकार उत+लास = उल्लास |
| विसर्ग |
विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से विकार उत्पन्न होता है। |
दुः+आत्मा = दुरात्मा निः+कपट=निष्कपट |
1. दीर्घ संधि
2. गुण संधि
3. वृद्धि संधि
4. यण् संधि
5. अयादि संधि
निष्कर्ष:
· अन्य सभी विकल्पों में संधि सही नहीं है, परंतु विकल्प (D) पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा विशेष रूप से सही और संगत है।
· इसलिए सही उत्तर: (D) पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा