Correct option is C
सही उत्तर: (C) अभि + ईप्सा
व्याख्या:
1. 'अभीप्सा' का संधि-विच्छेद:
"अभीप्सा" का सही संधि-विच्छेद "अभि + ईप्सा" है।
"अभि" (की ओर, इच्छा) और "ईप्सा" (इच्छा, चाह) का मेल "अभीप्सा" बनाता है। यहाँ पर "इ" और "ई" का उच्चारण से जुड़ा फर्क है जो इस संधि को सही बनाता है।
यह दीर्घ संधि का उदाहरण है
परिभाषा:
दीर्घ संधि: दीर्घ संधि में दो स्वर या सजातीय स्वरों के बीच संधि होकर उनके दीर्घ रूप हो जाते है। अर्थात दो स्वर्ण स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते हैं।
इस संधि के चार रूप होते है-
· जब अ,आ के साथ अ,आ हो तो “आ” बनता है
· जब इ,ई के साथ इ,ई हो तो “ई” बनता है
· जब उ,ऊ के साथ उ,ऊ हो तो “ऊ”बनता है
· ऋ के साथ ऋ/ ऋ हो तो “ऋ” बनता है
उदाहरण:
· पुस्तक +आलय = पुस्तकालय
· विद्या+अर्थी = विद्यार्थी
· भानु+उदय = भानूदय
विकल्पों का विश्लेषण सारिणी में:
विकल्प | विश्लेषण | संगत/असंगत |
अभि + इप्सा | यह संधि गलत है, सही रूप "अभि + ईप्सा" है। | असंगत |
अभी + इप्सा | यह संधि गलत है, सही रूप "अभि + ईप्सा" है। | असंगत |
अभि + ईप्सा | "अभि" और "ईप्सा" का मेल "अभीप्सा" बनाता है, यह सही संधि है। | संगत |
अभी + ईप्सा | यह संधि गलत है, सही रूप "अभि + ईप्सा" है। | असंगत |
अतिरिक्त जानकारी
संधि - दो शब्दों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है उसे संधि कहते हैं।
संधि के प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
स्वर | स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण के मेल से विकार उत्पन्न होता है। | विद्या +अर्थी =विद्यार्थी महा + ईश = महेश |
व्यंजन | एक व्यंजन से दूसरे व्यंजन या स्वर के मेल से विकार उत्पन्न होता है। | अहम् + कार = अहंकार उत् + लास = उल्लास |
विसर्ग | विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से विकार उत्पन्न होता है। | दुः + आत्मा = दुरात्मा निः + कपट = निष्कपट |
स्वर संधि के प्रकार: स्वर संधि के पांच प्रकार होते हैं
1. दीर्घ संधि
2. गुण संधि
3. वृद्धि संधि
4. यण् संधि
5. अयादि संधि
निष्कर्ष:
· 'अभीप्सा' का सही संधि-विच्छेद "अभि + ईप्सा" है।
· इसलिए सही उत्तर: (C) अभि + ईप्सा