Correct option is B
सही उत्तर: (b) गुण
विस्तृत उत्तर:
इस उक्ति में 'धर्म' शब्द का अर्थ 'गुण' है। अलंकार काव्य की शोभा बढ़ाने वाले गुणों को कहते हैं। आचार्य दण्डी के अनुसार, "काव्यशोभाकरान् धर्मान् अलंकारान् प्रचक्षते," अर्थात् काव्य की शोभा बढ़ाने वाले धर्म (गुण) ही अलंकार कहलाते हैं।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
मज़हब: यह धर्म का एक अर्थ है, परंतु इस संदर्भ में यह उपयुक्त नहीं है।
सत्कर्म: यह अच्छे कर्मों को दर्शाता है, जो यहाँ संदर्भित नहीं है।
कर्तव्य: यह दायित्व या उत्तरदायित्व को दर्शाता है, जो इस संदर्भ में नहीं है।
अतः, इस उक्ति में 'धर्म' शब्द का अर्थ 'गुण' है।