Correct option is A
सही उत्तर: A - विरोधाभास अलंकार
व्याख्या:
विरोधाभास (विरोधालंकार) वह अलंकार होता है, जिसमें वाक्य में आपस में विरोधाभासी (एक-दूसरे के विपरीत) बातें कही जाती हैं, जिससे विशेष प्रभाव उत्पन्न होता है।
इस अलंकार का प्रयोग अक्सर भावना की गहराई को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
इस अलंकार का प्रयोग अक्सर भावना की गहराई को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
पंक्ति का विश्लेषण:
"न खुदा ही मिला न विसाले सनम, ना इधर के रहे ना उधर के रहे।"
यहाँ "खुदा" (ईश्वर) और "विसाले सनम" (प्रियतम का मिलन) एक-दूसरे के विपरीत स्थितियाँ हैं।
"ना इधर के रहे ना उधर के रहे" में भी दो विपरीत स्थितियाँ दिखाई गई हैं, यानी व्यक्ति बीच में ही अटका रह गया, न उसे आध्यात्मिक शांति मिली और न सांसारिक प्रेम।
यह स्पष्ट रूप से विरोधाभास अलंकार का उदाहरण है, क्योंकि इसमें दो विपरीत विचारों को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।
यहाँ "खुदा" (ईश्वर) और "विसाले सनम" (प्रियतम का मिलन) एक-दूसरे के विपरीत स्थितियाँ हैं।
"ना इधर के रहे ना उधर के रहे" में भी दो विपरीत स्थितियाँ दिखाई गई हैं, यानी व्यक्ति बीच में ही अटका रह गया, न उसे आध्यात्मिक शांति मिली और न सांसारिक प्रेम।
यह स्पष्ट रूप से विरोधाभास अलंकार का उदाहरण है, क्योंकि इसमें दो विपरीत विचारों को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।
विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | अलंकार का प्रकार | सही/गलत | कारण |
|---|---|---|---|
A - विरोधाभास | एक ही वाक्य में विरोधाभासी बातें | सही | "न खुदा ही मिला, न सनम का मिलन" स्पष्ट विरोधाभास है। |
B - रूपक | उपमेय को उपमान बना देना | गलत | इसमें कोई वस्तु या व्यक्ति किसी और वस्तु के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया। |
C - यमक | एक शब्द की पुनरावृत्ति लेकिन अलग-अलग अर्थ | गलत | यहाँ कोई शब्द दो बार प्रयुक्त नहीं हुआ है। |
D - श्लेष | एक शब्द के दो भिन्न अर्थ | गलत | यहाँ कोई शब्द एक से अधिक अर्थ नहीं प्रकट कर रहा है। |
निष्कर्ष:
"न खुदा ही मिला न विसाले सनम, ना इधर के रहे ना उधर के रहे।" में विरोधाभास अलंकार है, क्योंकि इसमें दो विरोधाभासी स्थितियों को एक साथ रखा गया है। सही उत्तर (A) है।
अतिरिक्त जानकारी:
नीचे अलंकार के प्रकारों की सारणी दी जा रही है:
अलंकार के भेद | प्रकार |
|---|---|
शब्दा अलंकार | अनुप्रास |
यमक | |
श्लेष | |
पुनरुक्ति | |
विप्सा | |
वक्रोक्ति | |
अर्था अलंकार | उपमा |
रूपक | |
उपेक्षा | |
मानवीकरण | |
विरोधाभास | |
संदिग्ध | |
अतिशयोक्ति | |
28 और प्रकार है। | |
उभया अलंकार | संसृस्टि |
संकर |
यह सारणी अलंकार के विभिन्न प्रकारों और उनके उपप्रकारों को स्पष्ट करती है।