Correct option is A
सही उत्तर: A - रूपक अलंकार
व्याख्या:
रूपक अलंकार वह अलंकार होता है, जिसमें उपमेय (जिसकी तुलना की जा रही है) और उपमान (जिससे तुलना की जा रही है) में गहरी समानता होती है, और उपमेय को उपमान ही मान लिया जाता है।
इसमें "जैसे" या "तुलना" के अन्य शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि दोनों को एकरूप बना दिया जाता है।
वाक्य विश्लेषण:
"जितने कष्ट कंठों में है, जिनका जीवन सुमन खिला।"
यहाँ "जीवन" को "सुमन" (फूल) कहा गया है।
यह रूपक अलंकार का स्पष्ट उदाहरण है, क्योंकि "जीवन" को सीधे "सुमन" (फूल) के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि उसकी तुलना की गई है।
इस प्रकार, "जीवन सुमन खिला" का अर्थ है कि जीवन एक खिलते हुए फूल के समान है।
यहाँ "जीवन" को "सुमन" (फूल) कहा गया है।
यह रूपक अलंकार का स्पष्ट उदाहरण है, क्योंकि "जीवन" को सीधे "सुमन" (फूल) के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि उसकी तुलना की गई है।
इस प्रकार, "जीवन सुमन खिला" का अर्थ है कि जीवन एक खिलते हुए फूल के समान है।
"गौरव ग्रंथ उन्हें उतना ही, यत्र तत्र सर्वत्र मिला।"
"गौरव ग्रंथ" का प्रयोग सम्मान, यश और प्रसिद्ध ग्रंथों के संदर्भ में किया गया है।
यह भी रूपक अलंकार का ही उदाहरण है, क्योंकि गौरव को ग्रंथ के रूप में रूपांतरित कर दिया गया है।
"गौरव ग्रंथ" का प्रयोग सम्मान, यश और प्रसिद्ध ग्रंथों के संदर्भ में किया गया है।
यह भी रूपक अलंकार का ही उदाहरण है, क्योंकि गौरव को ग्रंथ के रूप में रूपांतरित कर दिया गया है।
विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | अलंकार का संक्षिप्त विवरण | सही/गलत | कारण |
|---|---|---|---|
A - रूपक | उपमेय को उपमान बना देना | सही | "जीवन सुमन खिला" में जीवन को सुमन (फूल) माना गया है, जिससे यह रूपक अलंकार बनता है। |
B - यमक | एक शब्द की पुनरावृत्ति लेकिन अलग-अलग अर्थ | गलत | यहाँ किसी शब्द की पुनरावृत्ति नहीं हुई है। |
C - श्लेष | एक शब्द के दो भिन्न अर्थ | गलत | इसमें शब्दों का एक से अधिक अर्थ नहीं है, बल्कि उपमेय और उपमान की समानता है। |
D - उपमा | किसी वस्तु की तुलना करना | गलत | इसमें तुलना के लिए "जैसे" या "सम" का प्रयोग नहीं किया गया है, बल्कि उपमेय को उपमान ही मान लिया गया है। |
निष्कर्ष:
इस पंक्ति में "रूपक अलंकार" है, क्योंकि इसमें उपमेय (जीवन) को उपमान (सुमन) बना दिया गया है। सही उत्तर (A) है।
अतिरिक्त जानकारी:
नीचे अलंकार के प्रकारों की सारणी दी जा रही है:
अलंकार के भेद | प्रकार |
|---|---|
शब्दा अलंकार | अनुप्रास |
यमक | |
श्लेष | |
पुनरुक्ति | |
विप्सा | |
वक्रोक्ति | |
अर्था अलंकार | उपमा |
रूपक | |
उपेक्षा | |
मानवीकरण | |
विरोधाभास | |
संदिग्ध | |
अतिशयोक्ति | |
28 और प्रकार है। | |
उभया अलंकार | संसृस्टि |
संकर |
यह सारणी अलंकार के विभिन्न प्रकारों और उनके उपप्रकारों को स्पष्ट करती है।