Correct option is A
सही उत्तर: (A) श्लेष अलंकार
श्लेष अलंकार का विस्तृत वर्णन:
परिभाषा:
"जब किसी वाक्य में एक शब्द का प्रयोग होता है और उसका एक से अधिक अर्थ निकलता है, तो उसे श्लेष अलंकार कहते हैं।"
श्लेष अलंकार के प्रमुख गुण:
- श्लेष अलंकार वह अलंकार है जिसमें एक ही शब्द का प्रयोग एक बार होता है, लेकिन उसका अर्थ एक से अधिक निकलता है।
- यह अलंकार शब्द के बहुअर्थक गुणों पर आधारित होता है।
- इसका प्रयोग मुख्यतः कविता और साहित्य में उस समय किया जाता है, जब लेखक एक ही शब्द से विभिन्न अर्थ व्यक्त करना चाहता है।
एक ही शब्द का प्रयोग:
- श्लेष अलंकार में शब्द का प्रयोग केवल एक बार होता है।
बहुअर्थकता:
- शब्द के संदर्भ और भाव के आधार पर विभिन्न अर्थ निकलते हैं।
गहराई:
- यह अलंकार पाठक के लिए शब्द की गहराई और छिपे हुए अर्थों को समझने का अवसर प्रदान करता है।
चमत्कारिकता:
- यह पाठक को शब्दों की चमत्कारिकता और रचनात्मकता का अनुभव कराता है।
श्लेष अलंकार के उदाहरण:
| उदाहरण | अर्थ |
|---|---|
| सूरज को छूकर देखा, जल गया। | "जल" का अर्थ है पानी और "जल" का अर्थ है जलना। |
| नर का मन नरक समान है। | "नर" का पहला अर्थ है मनुष्य, दूसरा अर्थ है नरक। |
| गंगा स्नान करती है। | "गंगा" का अर्थ है देवी गंगा और "गंगा" का अर्थ है नदी। |
अन्य अलंकारों से तुलना:
| अलंकार | परिभाषा | विभिन्नता |
|---|---|---|
| श्लेष अलंकार | एक ही शब्द का प्रयोग, लेकिन उसका एक से अधिक अर्थ निकलता है। | एक शब्द, अनेक अर्थ। |
| उपमा अलंकार | किसी वस्तु या व्यक्ति की दूसरे से तुलना। | "जैसे, समान" आदि शब्दों का प्रयोग। |
| यमक अलंकार | एक ही शब्द का एकाधिक बार प्रयोग होता है, लेकिन अर्थ समान होते हैं। | शब्द दोहराया जाता है। |
| रूपक अलंकार | उपमेय और उपमान में इतनी समानता होती है कि उपमेय को ही उपमान मान लिया जाता है। | तुलना इतनी गहरी होती है कि दोनों एक ही प्रतीत होते हैं। |
श्लेष अलंकार और अन्य अलंकारों के उदाहरण:
| अलंकार | उदाहरण | अर्थ |
|---|---|---|
| श्लेष अलंकार | सूरज को छूकर देखा, जल गया। | "जल" का अर्थ पानी और "जल" का अर्थ जलना। |
| उपमा अलंकार | हरि पद कमल समान। | भगवान के चरणों की तुलना कमल के फूल से की गई है। |
| यमक अलंकार | कनक कनक ते सौगुनी। | "कनक" का अर्थ "सोना" और "अफीम" (लेकिन दोनों बार शब्द का उच्चारण समान है)। |
| रूपक अलंकार | बंद नहीं, अब बाँसुरी बजती है। | "बाँसुरी" का अर्थ कला है, जिसमें उपमेय और उपमान एक हो गए हैं। |
श्लेष अलंकार की विशेषता:
- यह पाठक को एक शब्द के विभिन्न अर्थों को समझने की कला सिखाता है।
- यह अलंकार साहित्य को और अधिक रोचक, गूढ़ और चमत्कारिक बनाता है।
निष्कर्ष:
श्लेष अलंकार में एक ही शब्द का प्रयोग किया जाता है, लेकिन उसका अर्थ एक से अधिक होता है।
इसलिए, सही उत्तर है: (A) श्लेष अलंकार।
इसलिए, सही उत्तर है: (A) श्लेष अलंकार।
नीचे अलंकार के प्रकारों की सारणी दी जा रही है:
अलंकार के भेद | प्रकार |
|---|---|
शब्दा अलंकार | अनुप्रास |
यमक | |
श्लेष | |
पुनरुक्ति | |
विप्सा | |
वक्रोक्ति | |
अर्था अलंकार | उपमा |
रूपक | |
उपेक्षा | |
मानवीकरण | |
विरोधाभास | |
संदिग्ध | |
अतिशयोक्ति | |
28 और प्रकार है। | |
उभया अलंकार | संसृस्टि |
संकर |
यह सारणी अलंकार के विभिन्न प्रकारों और उनके उपप्रकारों को स्पष्ट करती है।