Correct option is B
पंडित विष्णु नारायण भातखंडे का जन्म
10 अगस्त 1860 को हुआ था और उनका निधन
19 सितंबर 1936 को हुआ। वे
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के
महान संगीतज्ञ थे और उन्होंने
राग व्याकरण पर पहला आधुनिक ग्रंथ लिखा। उन्होंने भारतीय संगीत को
वाचिक परंपराओं से लिखित रूप में प्रलेखित किया, जो संगीत के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान था। उनका काम
रागों के व्याकरण और
संगीत की विधियों को व्यवस्थित करने के लिए था, जो भारतीय संगीत की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने में मददगार साबित हुआ।
Information Booster:
1. पंडित भातखंडे ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में व्यवस्थित और लिखित रूप में ग्रंथ रचने की शुरुआत की।
2. उनके द्वारा लिखा गया ग्रंथ संगीत के राग व्याकरण को समझने में मार्गदर्शन करता है और यह एक ऐतिहासिक धरोहर बन चुका है।
3. भातखंडे जी ने संगीत की शास्त्रीयता और पारंपरिक स्वर संरचनाओं को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया।
4. उनका योगदान संगीत शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।