Correct option is E
राग तरंगिणी का लेखक पंडित लोचन हैं। यह ग्रंथ 16वीं शताब्दी के आसपास लिखा गया था और इसमें रागों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें उत्तर भारतीय संगीत पद्धति के रागों का वर्णन मिलता है। इसलिए सही उत्तर
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं है।
कथन a: नारद- नारद मुनि प्राचीन भारतीय संगीत के महान ज्ञाता थे और उनके द्वारा रचित ग्रंथ "नारदीय शास्त्र" है। हालांकि, राग तरंगिणी से उनका कोई संबंध नहीं है।
कथन b: मकरंद: मकरंद का नाम भी संगीत के ग्रंथों से जुड़ा हुआ है, लेकिन वह राग तरंगिणी के रचयिता नहीं हैं। मकरंद ने रागों पर अन्य ग्रंथ लिखे हैं।
कथन c: मतंग मुनि: मतंग मुनि भारतीय संगीत के प्रसिद्ध विद्वान हैं, जिनका ग्रंथ "बृहद्देशी" भारतीय संगीत के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है। इस ग्रंथ में पहली बार "राग" शब्द का उपयोग किया गया। हालांकि, राग तरंगिणी उनके द्वारा रचित नहीं है।