Correct option is D
सही उत्तर: (D) सत् + धर्म है।
व्याख्या:
- सत् + धर्म: यह संधि 'सत्' और 'धर्म' के बीच होती है, और 'त्' और 'ध' मिलकर 'द्ध' बनाते हैं,
- जो कि व्यंजन संधि का एक उदाहरण है।
व्यंजन संधि के नियम:
- जब संधि करते समय व्यंजन के साथ स्वर या कोई अन्य व्यंजन मिलता है, तो उसके साथ रूप में परिवर्तन होता है, जिसे व्यंजन संधि कहा जाता है।
- 'त्' + 'ध' का संधि रूप 'द्ध' होता है।
- उदाहरण: 'सद्धर्म' में स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है, जहां 'त्' और 'ध' के बीच संधि होती है और 'द्ध' का रूप बनता है।
व्यंजन संधि के नियमों की सारणी:
नियम | स्पष्टीकरण | उदाहरण |
|---|---|---|
1. क, च, ट, त, प का मिलन वर्ग के तृतीय या चतुर्थ वर्ण से (ग, ज, ड, द, ब) या स्वर के साथ | क → ग, च → ज, ट → ड, त → द, प → ब में बदल जाता है। | दिक् + अंबर = दिगंबर, वाक् + ईश = वागीश, षट् + यंत्र = षड्यंत्र |
2. क, म, ट, त, प का मिलन न या म से हो | क → ङ, ट → ण, त → न, प → म में बदल जाता है। | वाक् + मय = वाङ्मय, दिक् + मंडल = दिङ्मण्डल, षट् + मास = षण्मास |
3. त का मिलन ग, घ, द, ध, प, म, य, र, स्वर से | त → द हो जाता है। | सत् + भावना = सद्भावना, जगत् + ईश =जगदीश |
4. व्यंजन वर्ण के मिलन पर अनुस्वार | म् + य, र, ल, व, श, ष, स, ह के मिलन पर अनुस्वार लगता है। | सम् + रचना = संरचना, सम् + लग्न = संलग्न |
5. त का मिलन च्, छ्, ज्, झ्, ट्, ड् से | त → च्, छ्, ज्, झ्, ट्, ड् में बदल जाता है। | उत् + चारण = उच्चारण, शरत् + चन्द्र = शरच्चन्द्र |
6. त या द के साथ ह् का मिलन | त → द, ह् → ध् में बदल जाता है। | सत् + जन = सज्जन, जगत् + जीवन = जगज्जीवन |
7. स्वर के बाद छ् आने पर | छ् के पहले च् बन जाता है। | स्व + छंद = स्वच्छंद, आ + छादन = आच्छादन |
8. म् के बाद क् से म् तक कोई व्यंजन | म् अनुस्वार में बदल जाता है। | किम् + चित = किंचित, किम् + कर = किंक, सम् + कल्प = संकल्प, सम् + ख्या = संख्या, सम् + चय = संचय |
9. म् के बाद म का द्वित्व | म् + म का द्वित्व हो जाता है। | सम् + मति = सम्मति, सम् + मान = सम्मान |
10. त या द के साथ श का मिलन | त या द → च्, श → छ। | उत् + श्वास = उच्छ्वास, उत् + शृंखल = उच्छृंखल |
11. ऋ, र्, ष् से परे न् का ण् | न् → ण् हो जाता है जब बीच में कोई स्वर, क, ख, ग, घ, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व हो। | परि + नाम = परिणाम, राम + अयन = रामायण |
12. स् के साथ स्वर का मिलन | स्वर के बाद ष में बदल जाता है। | अभि + सिक्त = अभिषिक्त, वि + सम = विषम |
13. ऋ, र या ष के साथ न का मिलन | न के स्थान पर ण हो जाता है। | राम + अयन = रामायण, परि + नाम = परिणाम |