Correct option is D
गद्यांश में कहा गया है कि मनुष्य को निष्काम भाव से, सफलता-असफलता की चिंता किए बिना, और आशा-निराशा के चक्र में फँसे बिना कर्तव्य पालन करना चाहिए।
- निष्काम भाव से: यह बताता है कि किसी भी स्वार्थ के बिना कर्तव्य पालन करना चाहिए।
- सफलता-असफलता की चिंता किए बिना: इसका तात्पर्य है कि परिणाम की चिंता किए बिना कार्य करना चाहिए।
- आशा-निराशा के चक्र में फँसे बिना: कार्य में लगन और समर्पण बनाए रखना चाहिए।