Correct option is B
सही उत्तर: B. दुर्योधन को समझाने, युद्ध को रोकने
व्याख्या:
कविता के अनुसार, श्रीकृष्ण दुर्योधन को समझाने और भीषण विनाश (युद्ध) को रोकने के उद्देश्य से हस्तिनापुर आए थे। उन्होंने पांडवों की ओर से समझौते का प्रस्ताव रखा, जिसमें उन्होंने केवल पांच ग्राम भूमि की मांग की और कहा कि वे इसके साथ भी संतुष्ट रहेंगे।
श्रीकृष्ण का उद्देश्य था:
- दुर्योधन को समझाना: पांडवों और कौरवों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए।
- युद्ध को रोकना: भीषण विनाश और रक्तपात से बचने के लिए।
हालांकि, दुर्योधन ने उनका प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया और अहंकारवश उलटे श्रीकृष्ण को ही बंदी बनाने का प्रयास किया।
मुख्य पंक्तियाँ जो इसे स्पष्ट करती हैं:
- "दुर्योधन को समझाने को, भीषण विंध्वंस बचाने को।"
- "दो न्याय अगर तो आधा दो, पर इसमें भी यदि बाधा हो।"
- "दुर्योधन वह भी दे न सका।"
विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | सही/गलत | कारण |
|---|---|---|
A | गलत | केवल दुर्योधन से मिलने का उद्देश्य नहीं था, बल्कि युद्ध रोकना भी था। |
B | सही | श्रीकृष्ण का मुख्य उद्देश्य दुर्योधन को समझाना और युद्ध रोकना था। |
C | गलत | श्रीकृष्ण हस्तिनापुर की समस्याओं के समाधान के लिए नहीं आए थे। |
D | गलत | हस्तिनापुर देखने के लिए आना कविता के अनुसार अप्रासंगिक है। |
निष्कर्ष:
श्रीकृष्ण हस्तिनापुर आए थे दुर्योधन को समझाने और युद्ध रोकने के लिए। सही उत्तर है (B)।