Correct option is C
सही उत्तर: C. उपसर्ग अ एवं प्रत्यय ता
व्याख्या:
"अकर्मण्यता" शब्द में दो भाग होते हैं:
"अकर्मण्यता" शब्द में दो भाग होते हैं:
उपसर्ग:अ
- अ एक नकारात्मक उपसर्ग है, जो शब्द के अर्थ में नकारात्मकता जोड़ता है। "अ" जोड़ने से शब्द का अर्थ बदल जाता है।
- उदाहरण: अकर्म (जो काम न करता हो)।
प्रत्यय:ता
- ता एक प्रत्यय है, जो किसी विशेषता या गुण को व्यक्त करता है। "अकर्मण्य" (जो काम न करने वाला हो) में ता प्रत्यय जुड़ने से अकर्मण्यता बनता है, जिसका अर्थ होता है "निष्क्रियता" या "काम न करने की आदत"।
सूचना बूस्टर:
- उपसर्ग: वह भाग जो शब्द के आगे जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन लाता है। "अ" उपसर्ग का उपयोग नकारात्मक रूप में किया जाता है, जैसे "अकर्म" (जो काम न करता हो)।
- प्रत्यय: प्रत्यय वह भाग होता है, जो शब्द के अंत में जुड़कर नए अर्थ का निर्माण करता है। "ता" प्रत्यय किसी विशेषता को व्यक्त करता है, जैसे "अकर्मण्यता" (निष्क्रियता)।
निष्कर्ष:
"अकर्मण्यता" शब्द में उपसर्ग "अ" और प्रत्यय "ता" हैं।