Correct option is C
सही उत्तर: (c) कर्मधारय समास
व्याख्या:
'सुपुरुष' में कर्मधारय समास है।
· कर्मधारय समास में एक पद विशेषण होता है और दूसरा विशेष्य।
· 'सुपुरुष' का अर्थ है "अच्छा पुरुष"।
· यहाँ 'सु' (अच्छा) विशेषण है और 'पुरुष' विशेष्य है।
· 'सु' (विशेषण) पुरुष (विशेष्य) की विशेषता बता रहा है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
व्याख्या:
'सुपुरुष' में कर्मधारय समास है।
· कर्मधारय समास में एक पद विशेषण होता है और दूसरा विशेष्य।
· 'सुपुरुष' का अर्थ है "अच्छा पुरुष"।
· यहाँ 'सु' (अच्छा) विशेषण है और 'पुरुष' विशेष्य है।
· 'सु' (विशेषण) पुरुष (विशेष्य) की विशेषता बता रहा है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | शब्द | सही या गलत | स्पष्टीकरण |
A | तत्पुरुष | गलत | तत्पुरुष समास में 'का', 'के', या 'की' का संबंध होता है। उदाहरण: ग्रामराज (ग्राम का राजा)। |
B | अव्ययीभाव | गलत | अव्ययीभाव समास में पहला पद अव्यय होता है और पूरा समास अव्यय रूप में प्रयुक्त होता है। उदाहरण: उपर्युक्त। |
C | कर्मधारय | सही | 'सुपुरुष' में 'सु' (अच्छा) विशेषण है और 'पुरुष' विशेष्य, जो कर्मधारय समास को दर्शाता है। |
D | द्वंद्व | गलत | द्वंद्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं और 'और' का भाव रहता है। उदाहरण: माता-पिता (माता और पिता)। |
सूचना बूस्टर:
● कर्मधारय समास:
· इसमें एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है।
· उदाहरण: नीलकमल (नीला कमल), सुमन (अच्छा मन)।
● तत्पुरुष समास:
· इसमें दोनों पदों के बीच कर्ता-कर्म, अधिकार या संबंध होता है।
· उदाहरण: जलपात्र (जल का पात्र), ग्रामराज (ग्राम का राजा)।
● अव्ययीभाव समास:
· इसमें पहला पद अव्यय होता है और पूरा समास अव्यय रूप में प्रयुक्त होता है।
· उदाहरण: यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)।
● द्वंद्व समास:
· इसमें दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं और 'और' का भाव रहता है।
· उदाहरण: सुख-दुख (सुख और दुख)।
'सुपुरुष' में 'सु' (अच्छा) विशेषण है और 'पुरुष' विशेष्य, इसलिए यह कर्मधारय समास है।