Correct option is D
सही उत्तर: (D) यथाशक्ति
व्याख्या:
"यथाशक्ति" शब्द अव्ययीभाव समास का उदाहरण है।
· इसमें "
यथा" का अर्थ होता है "
के अनुसार",
· और "
शक्ति" का अर्थ "
सामर्थ्य" या "बल"।
· जब ये दोनों शब्द मिलकर "यथाशक्ति" बनाते हैं, तो इसका अर्थ होता है "शक्ति के अनुसार", जो प्रश्नानुसार सही है।
विकल्पों का विश्लेषण तालिका में:
| शब्द |
समास प्रकार |
विश्लेषण |
निष्कर्ष |
| शक्तिमान |
कर्मधारय समास |
"शक्तिमान" शब्द "शक्ति" + "मान" से बना है, जिसका अर्थ है "जिसमें शक्ति हो"। यह "शक्ति के अनुसार" का अर्थ नहीं देता। |
गलत |
| शक्तिपुंज |
कर्मधारय समास |
"शक्तिपुंज" का अर्थ है "शक्ति का समूह"। यह भी "शक्ति के अनुसार" के अर्थ को व्यक्त नहीं करता। |
गलत |
| शक्तिशाली |
कर्मधारय समास |
"शक्तिशाली" का अर्थ "जिसमें शक्ति हो" या "बलशाली" होता है, लेकिन "शक्ति के अनुसार" का भाव इसमें नहीं है। |
गलत |
| यथाशक्ति |
अव्ययीभाव समास |
"यथा" का अर्थ "के अनुसार" होता है और "शक्ति" का अर्थ "बल" या "सामर्थ्य"। अतः "यथाशक्ति" का अर्थ "शक्ति के अनुसार" होता है, जो प्रश्नानुसार सही है। |
सही |
समास - समास उस प्रक्रिया को कहते हैं, जिसमें दो शब्द मिलकर उनके बीच के संबंधसूचक आदि का लोप करके नया शब्द बनाया जाता है। समास से तात्पर्य संक्षिप्तिकरण से है। समास के माध्यम से कम शब्दों में अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है।
जैसे - राजा का पुत्र = राजपुत्र।
समास के प्रकार निम्नलिखित हैं:
| समास का नाम |
परिभाषा |
उदाहरण |
| तत्पुरुष समास |
जिस समास में उत्तरपद प्रधान हो तथा समास करने के उपरांत विभक्ति (कारक चिह्न) का लोप हो। |
गृहस्वामी = घर का मालिक , विद्यादाता = विद्या का दाता |
| बहुव्रीहि समास |
जिस समास में दोनों पद प्रधान नहीं होते हैं और दोनों पद मिलकर किसी अन्य विशेष अर्थ की ओर संकेत करते हैं। |
चक्रपाणि = जिसके हाथ में चक्र हो, चतुर्वेदी = चार वेद जानने वाला |
| कर्मधारय समास |
जिस समास में विशेषण और विशेष्य के रूप में दोनों पद का संबंध हो। |
श्वेतपुष्प = सफेद रंग का फूल, महानगर = महान है जो नगर |
| द्विगु समास |
जिस समास में पूर्वपद (पहला पद) संख्यावाचक विशेषण हो। |
चतुर्दिक = चार दिशाओं का समूह, सप्तसागर = सात समुद्र का समूह |
| अव्ययीभाव समास |
जिस समास में पहला पद प्रधान हो और समस्त पद अव्यय का काम करें। |
शीघ्रागमन = जल्दी आने वाला, प्रत्यक्ष = सामने रखे हुए |
| द्वन्द्व समास |
द्वन्द्व समास में समस्तपद के दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं। "और," "या," "एवं" आदि शब्दों का लोप होने पर बनता है। |
रामलक्ष्मण = राम और लक्ष्मण, सूर्यचंद्र = सूर्य और चंद्रमा |
"शक्ति के अनुसार" का सही सामासिक पद "यथाशक्ति" (अव्ययीभाव समास) है, जो विकल्प (D) में दिया गया है।
इसलिए सही उत्तर: (D) यथाशक्ति