Correct option is C
सही उत्तर: C. दुः + शासन
मुख्य बिंदु:
● 'दुश्शासन' का संधि-विग्रह होगा दुः + शासन।
● यह विसर्ग संधि का उदाहरण है।
● विसर्ग संधि में विसर्ग (:) के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से रूप परिवर्तन होता है।
● 'दुश्शासन' का संधि-विग्रह होगा दुः + शासन।
● यह विसर्ग संधि का उदाहरण है।
● विसर्ग संधि में विसर्ग (:) के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से रूप परिवर्तन होता है।
विस्तृत विवरण:
संधि का अर्थ:
संधि वह प्रक्रिया है जिसमें दो शब्दों के मिलने से उनके स्वर, व्यंजन, या विसर्ग में परिवर्तन होता है। विसर्ग संधि में विसर्ग (:) का स्वर या व्यंजन के साथ संयोग होता है, जिससे नए शब्द का निर्माण होता है।
विकल्प | संधि-विग्रह | संधि का प्रकार | सही/गलत |
|---|---|---|---|
A | दुष + शासन | गलत संधि | गलत |
B | दुश + शासन | व्याकरणिक त्रुटि | गलत |
C | दुः + शासन | विसर्ग संधि | सही |
D | इनमें से कोई नहीं | गलत |
विसर्ग संधि के अन्य उदाहरण:
● मनः + रथ = मनोरथ
● सरः + ज = सरोज
● जगत् + ईश = जगदीश
वाक्य में प्रयोग:
- दुश्शासन महाभारत के एक पात्र के रूप में कौरव पक्ष का हिस्सा था।
- 'दुः + शासन' से दुश्शासन बना, जिसका अर्थ है "दुष्ट शासन करने वाला।"
महत्वपूर्ण जानकारी:
● विसर्ग संधि: विसर्ग (:) और स्वर/व्यंजन के मेल से बनने वाले शब्द।
● अन्य प्रकार की संधियाँ:
- स्वर संधि: स्वर + स्वर का मेल। उदाहरण: गिरी + ईश = गिरीश।
- व्यंजन संधि: व्यंजन + व्यंजन का मेल। उदाहरण: तद् + धर्म = तद्धर्म।
निष्कर्ष:
'दुश्शासन' का सही संधि-विग्रह दुः + शासन है, जो विसर्ग संधि का स्पष्ट उदाहरण है।