Correct option is B
विकल्प | समास का प्रकार | विश्लेषण |
|---|---|---|
(A) कर्मधारय | विशेषण और विशेष्य का संबंध | यह विकल्प गलत है क्योंकि 'भरपेट' में विशेषण और विशेष्य का संबंध नहीं है। उदाहरण: 'नीलकमल'। |
(C) द्वन्द्व | दोनों पद समान महत्व रखते हैं | यह विकल्प गलत है क्योंकि 'भरपेट' में दोनों पद समान महत्व के नहीं हैं। उदाहरण: 'राम-लक्ष्मण'। |
(D) तत्पुरुष | एक पद का अर्थ दूसरे पर निर्भर | यह विकल्प गलत है क्योंकि 'भरपेट' में पहले पद का अर्थ दूसरे पद पर निर्भर नहीं है। उदाहरण: 'ग्रामवासी'। |
समास का नाम | परिभाषा | उदाहरण |
तत्पुरुष समास | जिस समास में उत्तरपद प्रधान हो तथा समास करने के उपरांत विभक्ति (कारक चिह्न) का लोप हो। | गृहस्वामी = घर का मालिक , विद्यादाता = विद्या का दाता |
बहुव्रीहि समास | जिस समास में दोनों पद प्रधान नहीं होते हैं और दोनों पद मिलकर किसी अन्य विशेष अर्थ की ओर संकेत करते हैं। | चक्रपाणि = जिसके हाथ में चक्र हो, चतुर्वेदी = चार वेद जानने वाला |
कर्मधारय समास | जिस समास में विशेषण और विशेष्य के रूप में दोनों पद का संबंध हो। | श्वेतपुष्प = सफेद रंग का फूल, महानगर = महान है जो नगर |
द्विगु समास | जिस समास में पूर्वपद (पहला पद) संख्यावाचक विशेषण हो। | चतुर्दिक = चार दिशाओं का समूह, सप्तसागर = सात समुद्र का समूह |
अव्ययीभाव समास | जिस समास में पहला पद प्रधान हो और समस्त पद अव्यय का काम करें। | शीघ्रागमन = जल्दी आने वाला, प्रत्यक्ष = सामने रखे हुए |
द्वन्द्व समास | द्वन्द्व समास में समस्तपद के दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं। "और," "या," "एवं" आदि शब्दों का लोप होने पर बनता है। | रामलक्ष्मण = राम और लक्ष्मण, सूर्यचंद्र = सूर्य और चंद्रमा |