Correct option is B
सही उत्तर: (b) मन: + योग
व्याख्या:
'मनोयोग' का सही संधि-विच्छेद मन: + योग है।
· मन: का अर्थ है "मन"।
· योग: का अर्थ है "ध्यान या लगन।"
· विसर्ग संधि के कारण 'मन:' का विसर्ग (':') हटकर 'मनो' बनता है।
· 'मनोयोग' का अर्थ है "मन लगाकर किसी कार्य में ध्यान देना।"
विसर्ग संधि के नियम:
1. यदि विसर्ग के बाद स्वर (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ आदि) या व्यंजन (य, र, ल, व, ह आदि) आए, तो विसर्ग का लोप हो जाता है।
· मन: + योग = मनोयोग।
2. विसर्ग संधि में ध्वनि का लोप केवल संधि नियमों के अनुसार होता है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प | संधि-विच्छेद | सही या गलत | स्पष्टीकरण |
A | मनो + योग | गलत | 'मनो' पहले से ही संधि-युक्त रूप है। यह सही संधि-विच्छेद नहीं है। |
B | मन: + योग | सही | यह सही उत्तर है। विसर्ग संधि के कारण 'मन:' और 'योग' का मिलन 'मनोयोग' बनाता है। |
C | मन: + आयोग | गलत | 'आयोग' का अर्थ भिन्न है और यह 'मनोयोग' से संबंधित नहीं है। |
D | इनमें से कोई नहीं | गलत | सही उत्तर (b) है। |
उदाहरण:
1. मन: + योग = मनोयोग।
2. मन: + भाव = मनोभाव।
3. धर्म: + अर्थ = धर्मार्थ।
4. जगत: + ईश्वर = जगदीश्वर।
सूचना बूस्टर:
● विसर्ग संधि:
· विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन आने पर ध्वनि का परिवर्तन होता है।
· उदाहरण:
· मन: + योग = मनोयोग।
· धन: + ऐश्वर्य = धनैश्वर्य।
● मनोयोग का अर्थ और महत्व:
· 'मनोयोग' का अर्थ है "किसी कार्य में मन और ध्यान लगाना।"
· यह शब्द ध्यान और एकाग्रता के लिए उपयोग किया जाता है।
उदाहरण वाक्य:
· "कार्य में मनोयोग से सफलता मिलती है।"
· "मनोयोग के बिना विद्या अर्जित नहीं की जा सकती।"