Correct option is A
सही उत्तर: (a) तथा + एव
विस्तृत उत्तर:
'तथैव' शब्द का संधि-विच्छेद 'तथा' और 'एव' से होता है। यहाँ 'तथा' का अर्थ है 'उस प्रकार' या 'वैसे', और 'एव' का अर्थ है 'ही' या 'केवल'। इस प्रकार, 'तथैव' का अर्थ होता है 'उसी प्रकार' या 'वैसे ही'।
इस संधि में 'वृद्धि संधि' का प्रयोग हुआ है।
'तथैव' का सही सन्धि-विच्छेद 'तथा एव' (आ + ए = ऐ) है। इसमें वृद्धि सन्धि है। इस सन्धि के नियमानुसार यदि अया आ के बाद ए या ऐ आये तो दोनों के स्थान पर 'ऐ' तथा ओ या औ आये, तो दोनों के स्थान पर 'औ' हो जाता है।
वृद्धि संधि के उदाहरण:
अ + ए = ऐ
एक + एक = एकैक
मत + ऐक्य = मतैक्य
सत् + ऐश्वर्य = सदाश्वर्य
आ + ए = ऐ
तथा + एव = तथैव
गंगा + ऐश्वर्य = गंगेश्वर्य
अ + ओ = औ
जल + ओघ = जलौघ
परम + औदार्य = परमौदार्य
आ + ओ = औ
महा + ओषधि = महौषधि
गंगा + ओक = गंगौक
अतः, सही संधि-विच्छेद 'तथा' + 'एव' है, जो विकल्प (a) में दिया गया है।