Correct option is A
यहाँ अ + इ = ए का परिवर्तन हुआ है, जो गुण संधि का नियम है।
गुण संधि के अनुसार:
विकल्प | संधि-विच्छेद | सही/गलत | कारण |
|---|---|---|---|
A - सोम + ईश्वर | सही संधि-विच्छेद | सही | "अ + इ = ए" के गुण संधि नियम के अनुसार यह सही है। |
B - सो + ऐश्वर | गलत | गलत | "सो" से कोई संधि नहीं होती, और "ऐश्वर" गलत रूप है। |
C - सोमे + इश्वर | गलत | गलत | "सोमे" शब्द व्याकरणिक रूप से सही नहीं है। |
D - सो + मेश्वर | गलत | गलत | "मेश्वर" कोई सही शब्द नहीं है। |
सही उत्तर A - सोम + ईश्वर है।
अतिरिक्त जानकारी:
संधि- दो शब्दों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है उसे संधि कहते हैं।
- संधि के तीन प्रकार है -1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग,
संधि के प्रकार तथा परिभाषा :
संधि का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण | संधि विच्छेद |
1. स्वर संधि | जब स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण के मेल से विकार उत्पन्न होता है। | विद्यार्थी | विद्या + अर्थी |
महेश | महा + ईश | ||
2. व्यंजन संधि | जब एक व्यंजन से दूसरे व्यंजन या स्वर के मेल से विकार उत्पन्न होता है। | अहंकार | अहम् + कार |
उल्लास | उत् + लास | ||
3. विसर्ग संधि | जब विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से विकार उत्पन्न होता है। | दुरात्मा | दुः + आत्मा |
निष्कप | निः + कपट |
स्वर संधि के प्रकार और उनके नियम व उदाहरण:
प्रकार | नियम | उदाहरण | विच्छेद |
1. दीर्घ संधि | दो सजातीय स्वरों के मिलने से दीर्घ स्वर बनता है। | पुस्तकालय | पुस्तक + आलय |
विद्यार्थी | विद्या + अर्थी | ||
महात्मा | महा + आत्मा | ||
2. गुण संधि | ‘अ’ या ‘आ’ के साथ इ/ई हो तो ‘ए’, उ/ऊ हो तो ‘ओ’, और ऋ हो तो ‘अर’ बनता है। | नरेंद्र | नर + इंद्र |
ज्ञानोपदेश | ज्ञान + उपदेश | ||
महर्षि | महा + ऋषि | ||
3.वृद्धि संधि | ‘अ’/‘आ’ के साथ ए/ऐ हो तो ‘ऐ’ और ओ/औ हो तो ‘औ’ बनता है। | सदैव | सदा + एव |
वनौषधि | वन + औषधि | ||
महौदार्य | महा + औदार्य | ||
4. यण संधि | इ/ई का ‘य’, उ/ऊ का ‘व’, और ऋ का ‘र’ बनता है। | इत्यादि | इति + आदि |
स्वागत | सु + आगत | ||
अध्ययन | अधि + अयन | ||
5.अयादि संधि | ए का अय, ऐ का आय, ओ का अव, और औ का आव बनता है। | नयन | ने + अन |
नाविक | नौ + इक | ||
पवित्र | पो + इत्र |