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जिस शब्द का दूसरा पद प्रधान हो उसे ----- समास कहते हैं।
Question

जिस शब्द का दूसरा पद प्रधान हो उसे ----- समास कहते हैं।

A.

तत्‍पुष

B.

अव्‍ययीभाव

C.

द्वंद्व

D.

बहुव्रीहि

Correct option is A

सही उत्तर: A तत्पुरुष
व्याख्या:
तत्पुरुष समास वह समास है जिसमें दूसरा पद प्रधान होता है। यह समास भाषा को संक्षिप्त और प्रभावी बनाने के लिए प्रयुक्त होता है। इसमें पहले पद का कार्य गौण होता है, और अंतिम पद (दूसरा शब्द) मुख्य अर्थ को व्यक्त करता है।
तत्पुरुष समास की विशेषताएँ:
  1. इसमें विभक्ति चिह्न (जैसे: का, के, की, को, से, में) का लोप होता है।
  2. इस समास का अर्थ अंतिम पद (दूसरा पद) से निर्धारित होता है।
  3. तत्पुरुष समास को विभक्ति और कारक चिह्नों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
उदाहरण:
  1. बसचालक → बस को चलाने वाला।
  2. गृहस्वामी → गृह का स्वामी।
  3. पथभ्रष्ट → पथ से भ्रष्ट।
  4. सत्याग्रह → सत्य के लिए आग्रह।
तत्पुरुष समास के प्रकार:
प्रकार
विग्रह
उदाहरण
कर्म तत्पुरुष
को का लोप
बसचालक → बस को चलाने वाला।
करण तत्पुरुष
से या द्वारा का लोप
हस्तलिखित → हाथ से लिखित।
सम्प्रदान तत्पुरुष
को या के लिए का लोप
सत्याग्रह → सत्य के लिए आग्रह।
अपादान तत्पुरुष
से (अलग होने का भाव) का लोप
भयभीत → भय से भीत।
सम्बन्ध तत्पुरुष
का, के, की का लोप
गृहस्वामी → गृह का स्वामी।
अधिकरण तत्पुरुष
में या पर का लोप
जलमग्न → जल में मग्न।
विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प
समास का प्रकार
सही/गलत
कारण
A
तत्पुरुष
सही
इसमें दूसरा पद प्रधान होता है।
B
अव्ययीभाव
गलत
इसमें पहला पद प्रधान होता है, जैसे 'प्रतिदिन'।
C
द्वंद्व
गलत
इसमें दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं, जैसे 'राम-लक्ष्मण'।
D
बहुव्रीहि
गलत
इसमें कोई भी पद प्रधान नहीं होता, जैसे 'चतुर्भुज'।
निष्कर्ष:
तत्पुरुष समास वह समास है जिसमें दूसरा पद प्रधान होता है। सही उत्तर है (A) तत्पुरुष।

अतिरिक्त जानकारी:
समास के प्रकार-
समास का प्रकार
परिभाषा
उदाहरण
अव्ययीभाव समास
इस समास में पहला पद अव्यय होता है और वही प्रधान होता है।
भरपेट → पेट भरकर, प्रतिदिन → हर दिन
तत्पुरुष समास
इसमें पहला पद गौण तथा दूसरा पद प्रधान होता है। इसमें विभक्ति चिह्न (जैसे: का, को, से) का लोप होता है।
बसचालक → बस को चलाने वाला
द्विगु समास
इस समास का पहला पद संख्यावाचक विशेषण और दूसरा पद उसका विशेष्य होता है।
त्रिभुवन → तीन भुवनों का समूह
द्वन्द्व समास
इस समास में दोनों पद प्रधान होते हैं और उनके बीच 'तथा', 'और', 'या' आदि का लोप हो जाता है।
माता-पिता → माता और पिता
कर्मधारय समास
इसमें विशेषण-विशेष्य अथवा उपमेय-उपमान का सम्बन्ध होता है।
नीलकमल → नीला है जो कमल
बहुब्रीहि समास
इसमें कोई पद प्रधान नहीं होता; पूरा समस्त पद किसी अन्य के विशेषण का कार्य करता है।
दशानन → दस हैं मुख जिसके (रावण)

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