Correct option is C
सही उत्तर:(C) a-IV, b-III, c-II, d-I
सही मिलान:
सूची-I | सूची-II | व्याख्या: |
|---|---|---|
a. ऋण से युक्त | IV. तत्पुरुष समास | इस समास में एक शब्द दूसरे से संबंधित होता है, जैसे "ऋण से युक्त" (ऋण + युक्त) में 'ऋण' और 'युक्त' का मिलन है, जो तत्पुरुष समास का उदाहरण है। |
b. मुख्य है जो मंत्री | III. कर्मधारय समास | 'मुख्य' और 'मंत्री' का मिलन 'कर्मधारय समास' को दर्शाता है, जिसमें पहला शब्द किसी विशेषता का द्योतक होता है और दूसरा उस विशेषता का विस्तार करता है। |
c. समय के अनुसार | II. अव्ययी भाव समास | समय के अनुसार - यथासमय, व्याख्या = अव्ययीभाव समास में पहला पद प्रधान होता है, जो एक अव्यय की तरह कार्य करता है तथा दूसरा पत्र गौण होता है। |
d. सीता और राम | I. द्वंद्व समास | 'सीता-राम' का समास विग्रह करने पर 'सीता और राम' होगा। इसमें 'और' योजक का प्रयोग किए जाने के कारण 'द्वंद्व समास' है। |
अतिरिक्त जानकारी:
समास के प्रकार निम्नलिखित हैं:
समास के प्रकार निम्नलिखित हैं:
समास का नाम | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
तत्पुरुष समास | जिस समास में उत्तरपद प्रधान हो तथा समास करने के उपरांत विभक्ति (कारक चिह्न) का लोप हो। | गृहस्वामी = घर का मालिक , विद्यादाता = विद्या का दाता |
बहुव्रीहि समास | जिस समास में दोनों पद प्रधान नहीं होते हैं और दोनों पद मिलकर किसी अन्य विशेष अर्थ की ओर संकेत करते हैं। | चक्रपाणि = जिसके हाथ में चक्र हो, चतुर्वेदी = चार वेद जानने वाला |
कर्मधारय समास | जिस समास में विशेषण और विशेष्य के रूप में दोनों पद का संबंध हो। | श्वेतपुष्प = सफेद रंग का फूल, महानगर = महान है जो नगर |
द्विगु समास | जिस समास में पूर्वपद (पहला पद) संख्यावाचक विशेषण हो। | चतुर्दिक = चार दिशाओं का समूह, सप्तसागर = सात समुद्र का समूह |
अव्ययीभाव समास | जिस समास में पहला पद प्रधान हो और समस्त पद अव्यय का काम करें। | शीघ्रागमन = जल्दी आने वाला, प्रत्यक्ष = सामने रखे हुए |
द्वन्द्व समास | द्वन्द्व समास में समस्तपद के दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं। "और," "या," "एवं" आदि शब्दों का लोप होने पर बनता है। | रामलक्ष्मण = राम और लक्ष्मण, सूर्यचंद्र = सूर्य और चंद्रमा |
तत्पुरुष समास के भेद:
भेद | परिभाषा | विभक्ति का लोप |
|---|---|---|
कर्म तत्पुरुष | क्रिया के कर्म का बोध होता है। | "को" |
करण तत्पुरुष | क्रिया के साधन या उपकरण का बोध होता है। | "से" या "द्वारा" |
संबंध तत्पुरुष | दो पदों के बीच संबंध का बोध होता है। | "का," "की," "के" |
अपादान तत्पुरुष | "से," "द्वारा," या "किससे" का बोध होता है। | "से" |
सम्प्रदान तत्पुरुष | "के लिए" या "को" का बोध होता है। | "के लिए," "को" |
अधिकरण तत्पुरुष | "में," "पर," "अंदर" आदि का बोध होता है। | "में," "पर" |